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बैंकों में आठ हजार करोड़ से ज्यादा की लावारिस पड़ी रकम किसकी

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 January 2018, 11:11 IST

बीते दिनों बैंकों ने केवाईसी के नियम कठोर कर दिए. सभी बैंक खातों को आधार से जोड़ दिया. बैंकों के इस कदम ने जहां बैंकों में चल रहे वैध लेनदेन पर रोक लगायी वहीं इससे बैंको के सामने कई तरह मुश्किल भी खड़ी हो गयी है. एक रिपोर्ट की मानें तो केवाईसी नियमों की सख्ती के बाद बैंकों में 'लावारिस' जमा का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है.

वर्तमान में बैंकों में ऐसे पैसों का आंकड़ा तकरीबन आठ करोड़ के पार पहुँच चुका है. इन खातों में  स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के 47 लाख खातों ( जमा राशि 1,036 करोड़ रुपये), कैनरा बैंक के 47 लाख खातों (995 करोड़ रुपये) और पंजाब नैशनल बैंक के 23 लाख खातों (829 करोड़) का कोई दावेदार नहीं है.

अब आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि जिन खातों के कोई दावेदार उपलब्ध नहीं हैं उनकी एक सूची बनाकर एड्रेस के साथ वेबसाइट पर डाले जाये.

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग बैंकों के 2.63 खातों में पड़े 8,864.6 करोड़ रुपयों का कोई दावेदार नहीं है.

यह आंकड़े दिसंबर 2016 तक के बताए जा रहे हैं. 2012 से 2016 यानी पिछले चार सालों में इस तरीके का पैसा दोगुना हो गया है. ऐसे खातों की संख्या 2012 में 1.32 करोड़ थी जो 2016 में 2.63 करोड़ हो गई थी. वहीं 2012 में उनमें जमा पैसा 3,598 करोड़ रुपये था जो कि 2016 में 8,864 रुपये हो गया था.

First published: 14 January 2018, 10:57 IST
 
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