Home » बिज़नेस » Who says robot jobs are snatching? Artificial Intelligence in Indian banking
 

कौन कहता है रोबोट नौकरियां छीन रहे हैं ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 July 2018, 12:43 IST

ऑटोमेशन को लेकर जहां एक ओर कहा जा रहा है कि वह लोगों का रोजगार छीन रहा है वहीं आंकड़ों की माने तो मई 2015-मई 2018 के बीच रोबोटिक्स क्षेत्र में नौकरी तलाशने वालों की संख्या में 186% की वृद्धि हुई है. इसी अवधि के दौरान इस क्षेत्र में नौकरी मिलने की संख्या में 191% की वृद्धि हुई है. मुंबई और पुणे रोबोटिक्स सेक्टर में अधिकतम नौकरी देने वालों में शामिल है.

पिछले साल जहां इस सेक्टर में नौकरी की खोज करने वालों की संख्या 31% और 34% थी वहीं इस साल यह 64% तक पहुँच गई है. इस क्षेत्र में कर्नाटक और तेलंगाना अन्य शीर्ष राज्यों में शामिल हैं. विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा जैसे क्षेत्र रोबोटिक्स को बढ़ावा दे रहे हैं.

बैंकिंग क्षेत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने वालों में शामिल हो रहा है. 2017 में पीडब्ल्यूसी द्वारा फिनटेक इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एआई अनुप्रयोगों में वैश्विक खर्च 2015 में 4 बिलियन डॉलर से बढ़कर 5.1 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया.

ये भी पढ़ें : Success story: लंदन से करोड़ों की नौकरी छोड़कर भारत में खड़ा किया सबसे सफल मिल्क स्टार्टअप

हाल ही में बेंगलुरु के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी (IIITB) के एक स्टूडेंट आदित्य पालिवाल को गूगल ने एक करोड़ बीस लाख रुपये सालाना पैकेज ऑफर किया है. आदित्य पालिवाल मूल रूप से मुंबई के रहने वाले हैं और इंटीग्रेटेड एमटेक के छात्र हैं. गूगल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर रिसर्च करने के लिए 22 वर्षीय आदित्य का सेलेक्शन किया है.

First published: 8 July 2018, 12:34 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी