Home » बिज़नेस » whole sale inflation hardens to six-month high of 3.59% in October after due to increase in prices of food and fuel products
 

खुदरा के बाद थोक महंगाई ने लोगों का बज़ट बिगाड़ा

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 November 2017, 17:51 IST

अक्टूबर में खुदरा महंगाई की दर मे बढ़ोतरी के बाद थोक दर में भी बढ़ोतरी हुई है. अक्टूबर में थोक महंगाई दर 3.59 फीसदी रही. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, "संशोधित आधार वर्ष 2011-12 के आधार पर अक्टूबर में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) 3.59 फीसदी रहा, जोकि सितंबर में 2.60 फीसदी था."

अक्टूबर में जारी इन महंगाई के आकंड़ों ने लोगों को मिलने वाले सस्ते कर्ज की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है. अगले महीने (दिसंबर) में केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक अपनी द्विमासिक समीक्षा बैठक करने वाला है जिसमें नीतिगत दरों में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही थी.

विभिन्न कैटेगरी के आधार पर प्राथमिक वस्तुओं की अक्टूबर में महंगाई दर 0.15 फीसदी से बढ़कर 3.33 फीसदी रही, जिसका डब्ल्यूपीआई में 22.62 फीसदी भार है. खाद्य पदार्थो की कीमतें साल-दर-साल आधार पर अक्टूबर में 4.30 फीसदी हो गईं, जो सितंबर के दौरान 2.04 फीसदी थीं.

प्याज के थोक मूल्य सूचकांक में 127.04 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि आलू की कीमतें 44.29 फीसदी घटीं. अक्टूबर में कुल मिलाकर सब्जियों की कीमतों में 36.61 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 11.84 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई थी.

आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं की कीमत साल-दर-साल आधार पर अक्टूबर में 1.99 फीसदी कम रही, जबकि दालों की कीमतों में 31.05 फीसदी की कमी आई. प्रोटीन आधारित खाद्य पदार्थो जैसे अंडा, मांस और मछली में समीक्षाधीन माह में 5.76 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. समीक्षाधीन माह में ईंधन और बिजली की कीमतों में 10.52 फीसदी की तेजी दर्ज की गई.

First published: 14 November 2017, 17:51 IST
 
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