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नवंबर में बढ़ी मंहगाई की मार, थोक महंगाई दर 8 महीने के उच्चतम स्तर पर

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2017, 16:41 IST

नवंबर के महीने में भी लोगों पर महंगाई की मार ने कम होने का नाम नहीं ले लिया. नवंबर के महीने में रिटेल के बाद थोक महंगाई की दर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ये पिछले आठ महीनों की सबसे उच्चतम दर है. सरकार ने गुरुवार को थोक महंगाई दर के आकंड़े जारी किए. इन आकंड़ों के मुताबिक नवंबर में महंगाई की दर 3.93 प्रतिशत रही. 

नवंबर में महंंगाई के बढ़ने की वजह सब्जियों के दामों में बढोतरी रही. सब्जियों में प्याज और सीजन में आने वाली सब्जियों के दाम बढ़ने के कारण इसकी मार लोगों पर पड़ी. इससे पहले इस साल मार्च के महीने में इससे ज्यादा महंगाई दर दर्ज की गई थी. मार्च के महीने में थोक महंगाई की दर 5.99 प्रतिशत थी. जबकि इस साल अक्टूबर में ये 3.59 प्रतिशत रही. पिछले साल नवंबर में ये 1.82 प्रतिशत थी.

वाणिज्य मंत्रालय के जारी आकंड़ों के मुताबिक अंडे, मीट और मछली के दामों में भी बढ़ोतरी देखी गई. अक्टूबर के महीने में खाद्य महंगाई 3.23 फीसदी पर थी, जो नवंबर में यह बढ़कर 4.10 फीसदी पर पहुंच गई. नवंबर के महीने में सब्जियों के दामों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई.

गौरतलब है कि इससे पहले केंद्र सरकार ने खुदरा महंगाई दर (रिटेल) के आंकड़े जारी किए थे. थोक महंगाई के अलावा रिटेल महंगाई की दर नवंबर के महीने में 4.88 प्रतिशत पर पहुंच गई. जबकि मोदी सरकार को रिटेल की महंगाई दर नवंबर के महीने में 4 प्रतिशत रहने की उम्मीद थी.

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने पहले ही देश में महंगाई बढ़ने का अमुमान जताया था. इसी वजह से हाल में हुई मॉनिटरी पॉलिसी बैठक में आरबीाई ने अपनी नीतिगत दरों में बदलाव किया था. इसी वजह से लोगों की सस्ता लोन मिलने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा था. आरबीआई ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट और सीआरआर में कोई बदलाव नहीं किया था.

First published: 14 December 2017, 16:41 IST
 
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