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क्यों दार्जिलिंग की चाय के लिए तरसने लगे हैं दुनियाभर के बाजार?

सुनील रावत | Updated on: 18 March 2018, 16:45 IST

दुनियाभर में मशहूर ब्रांड 'दार्जिलिंग चाय' पर उत्पादन की कमी के कारण खतरे के बादल मंडराने लगे हैं. इसको देखते हुए अब पश्चिम बंगाल सरकार इसकी मार्केटिंग के लिए कदम उठाने जा यही है. पिछले साल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने पृथक राज्य की मांग के लिए बंद बुलाया था, जिसको 100 दिनों से अधिक हो गए, दार्जिलिंग की पहाड़ियों में पूरे चाय के उत्पादन रोक दिया गया.

चाय उत्पादकों का आरोप है कि दार्जिलिंग चाय में अचानक आयी कमी ने वैश्विक खरीदारों के सामने दार्जिलिंग चाय ब्रांड के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब उत्पादन शुरू होने के बाद इसके लिए नए सिरे से प्रयास करने की आवश्यकता होगी. हालांकि राज्य सरकार ने दार्जिलिंग चाय के ब्रांडिंग के लिए कोई रणनीति नहीं बनाई है.

 

पश्चिम बंगाल औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक वंदना यादव का कहना है कि राज्य सरकार का दार्जिलिंग चाय के लगभग 30 ब्रांड बनाने का इरादा है. बता दें कि दार्जिलिंग चाय भारत का पहला ऐसा उत्पाद है, जो विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग और लोगो को प्राप्त है.
चाय के इस ब्रांड को जीआई टैग और लोगो के बिना नहीं बेचा नहीं जा सकता है.

हालांकि सरकार का कहना है कि वह इसके नए बाजार की खोज कर रही है. जर्मनी, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन के लिए दार्जिलिंग चाय का एक बड़ा बाजार है. सूत्रों ने कहा कि राज्य सरकार ऐसी कंपनियों को ढूंढ रही है जो एक अच्छे ऑर्डर बुक करने के साथ गुणवत्ता वाली चाय का उत्पादन करती हैं.

जानिए क्या खास है इस चाय में 

2016 में दार्जिलिंग चाय की औसत कीमत 500 रुपये किलो थी, जबकि दार्जिलिंग में सालाना 90 लाख किलो चाय का उत्पादन होता है. दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे महंगी और खुशबूदार चाय मानी जाती है. यहाँ वर्ष 1956 में चाय की खेती ने ज़ोर पकड़ा और अब इस पर्वतीय इलाके में ऐसे क़रीब 86 बागान हैं जहाँ चाय तैयार की जाती है. हज़ारों लोग इन पत्तियों को चाय के बागानों से चुनकर कारखानों तक पहुँचाते हैं.

चाय की सालाना बिक्री क़रीब 80 मिलियन डॉलर (लगभग 5 अरब रुपये) की होती है. दार्जिलिंग चाय दुनिया की सबसे महंगी चायों में से एक है. इसमें से कुछ की कीमत 850 डॉलर (लगभग 54000 रुपये) प्रति किलो तक है.

First published: 18 March 2018, 16:45 IST
 
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