Home » बिज़नेस » Why China's pharmaceutical companies got showcause notice, DCGI, Drug Controller Genera, blacklist
 

क्यों चीन की 8 दिग्गज दवा कंपनियों पर भारत सरकार जल्द बड़ा एक्शन ले सकती है ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 January 2018, 16:06 IST

भारत सरकार ने चीन की आठ दिग्गज कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये हैं. यही नहीं सरकार इन कंपनियों को ब्लैकलिस्टेड करने पर भी विचार कर सकती है. इन कंपनियों पर आरोप है कि ये देश में ड्रग निर्माताओं के लिए खराब गुणवत्ता वाले कच्चे माल की आपूर्ति कर रही थी रही है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) की एक विशेष निरीक्षण टीम ने इन आठ चाइनीज कंपनियों की जांच के बाद ये नोटिस जारी किए थे.

डीसीजीआई के सूत्रों के अनुसार, ब्लैकलिस्ट किए जाने की कगार पर खड़ी ये कंपनियां वर्तमान में भारतीय दवा निर्माताओं के लिए कच्चे माल का एक बड़ा हिस्सा सप्लाई कर रही हैं.

डीसीजीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "जिन कंपनियों के खिलाफ खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध कराए जाने के आरोप है, अगर ये सही पाए जाते हैं तो इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा सरकार नहीं चाहती कि भारत में दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कोई समझौता किया जाए.

भारत का दवाओं के लिए 70 फीसदी कच्चा माल आयात पर निर्भर 

हालाँकि सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर इन चाइनीज फर्मों के खिलाफ सरकार की कार्रवाई होती है तो कुछ महीनों तक भारत में कैंसर जैसी बीमारियों के लिए दवाओं की आपूर्ति में कमी देखी जा सकती है. रसायन मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि भारत अपने यहाँ दवाओं के लिए कच्चे माल का 70 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है.

संसद में प्रस्तुत किये गए आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में 12,254.97 करोड़ रुपये की सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) का आयात किया गया था. जबकि 2015-16 के आंकड़े 13,853.20 करोड़ रुपये थे.

इससे पहले, 2014 और 2015 में, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के कार्यालय ने सरकार को आवश्यक दवाओं और एपीआई की आपूर्ति के लिए चीन पर अधिक निर्भरता की चेतावनी दी थी.

मार्च 2017 में, वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण और अब रक्षा मंत्री ने यह भी कहा था कि चीनी एपीआई भारत में उत्पादित लोगों की तुलना में करीब चार गुना सस्ता है.

First published: 7 January 2018, 16:06 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी