Home » बिज़नेस » Why did Jaitley' budget stay away from the big corporate housess, budget 2018
 

क्यों जेटली के बजट से बड़े कॉर्पोरेट घरानों के सपने धरे के धरे रह गए ?

सुनील रावत | Updated on: 1 February 2018, 15:35 IST

2018 के बजट में कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स की दर कम हो गई है. सरकार ने लघु और सीमान्त उद्योगों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स 30 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया. अब 250 करोड़ का टर्नओवर करने वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा.

इससे पहले 50 करोड़ सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 प्रतिशत टैक्स देना होता था, लेकिन अपनी घोषणा में वित्त मंत्री ने इस दायरे को बढ़ाकर 50 करोड़ से 250 करोड़ रुपये कर दिया है. फिक्की ने इससे पहले सुझाव दिया था कि कॉर्पोरेट टैक्स में राहत देनी चाहिए. क्योंकि दूसरे देशों में भी कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती की गयी है. इससे पहले अमेरिका ने टैक्स को 25 से घटाकर 21 प्रतिशत कर दिया था. 

सरकार के इस कदम से सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को फायदा पहुंचने की उम्मीद है लेकिन इससे बड़े कॉर्पोरेट को निराशा हुई है जो उम्मीद कर रहे थे कि कॉर्पोरेट टैक्स कटौती सब जगह होगी.

जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती पूरे एमएसएमई क्षेत्र को मदद करेगी और टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाली 99% कंपनियों को फायदा देगी. सरकार 7,000 करोड़ रुपये का राजस्व की छूट देगी.

पिछले साल के बजट में सरकार ने छोटी कंपनियों के लिए आयकर कम कर दिया था. जिसमें 50 करोड़ रुपये के सालाना कारोबार पर 25% टैक्स किया गया था. सरकार के इस कदम से 667,000 से अधिक कंपनियों को लाभ हुआ. इससे टैक्स रिटर्न दाखिल करने वाली सभी कंपनियों का 96% लाभ हुआ है.

सरकार ने कर विभाग और करदाता के बीच इंटरफेस को कम करने के लिए 2018-19 से ई-मूल्यांकन की घोषणा भी की. इसके साथ ही सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों की बिक्री से 10% तक लाभ के लिए दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ कर लगाने का निर्णय लिया गया है. हालांकि, यह कहा गया है कि लाभ 31 जनवरी 2018 तक ग्रैंडफिल्ड होंगे.

बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर छूट की भी घोषणा की गई है, जिसमें 50,000 रुपये तक की सावधि जमा पर ब्याज छूट शामिल है. चिकित्सा प्रतिपूर्ति और यात्रा भत्ता सीमा भी बढ़ाकर 40,000 रुपये कर दी गई है . हालांकि टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया.

पीडब्ल्यूसी इंडिया के पार्टनर और नेता अभिषेक गोयनका ने कहा कि कॉर्पोरेट टैक्स की दरें केवल 250 करोड़ रुपये के कारोबार वाले कंपनियों के लिए करना निराशाजनक है.

First published: 1 February 2018, 15:14 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी