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मानसिक बीमारियों के लिए क्यों नहीं दिया जा रहा इंश्योरेंस कवर, SC ने केंद्र और IRDA को दिया नोटिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2020, 13:31 IST

बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर चल रही बहस के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और बीमा नियामक IRDA को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और बीमा नियामक IRDA से पूछा कि बीमा कंपनियों द्वारा मानसिक बीमारी (mental illness) को लेकर बीमा कवर क्यों नहीं दिया जा रहा है.

जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, नवीन सिन्हा और बी. आर. गवई ने नोटिस जारी कर केंद्र और आईआरडीए से इस पर जवाब मांगा है. वकील गौरव कुमार बंसल द्वारा दायर जनहित याचिका में तर्क दिया गया है कि मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम 2017 (Section 21 of Mental Health Care Act 2017) की धारा 21 में इसका जिक्र है. कहा गया है कि अगस्त 2018 में IRDA के आदेश के बाद भी कोई भी बीमा कंपनी इसका अनुपालन नहीं कर रही है.


 

याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत से आग्रह किया है कि वह मानसिक बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सा बीमा का विस्तार करने के लिए केंद्र, आईआरडीए को सभी बीमा कंपनियों को निर्देश जारी करने के लिए कहें.  हाल ही में बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने सभी बीमा कंपनियो को आदेश दिया था कि दिव्यांगों, एचआईवी/एड्स और मानसिक रूप से बीमार लोगों के लिये बीमा कवर पर अपना विचार और रुख सार्वजनिक करें. बीमा कंपनियों से इस बारे में सूचना अपनी अपनी वेबसाइट पर देने के लिए कहा गया था.

 याचिका में कहा गया है कि मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम की धारा 21 (4) के बावजूद, और इसके बाद अगस्त 2018 IRDA के आदेश के अनुसार, बीमा कंपनियां अनुपालन नहीं कर रही हैं. कहा गया है कि मानसिक बीमारी के इलाज के लिए चिकित्सा बीमा का विस्तार करने का अभी तक कोई प्रावधान नहीं है.

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First published: 16 June 2020, 13:11 IST
 
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