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क्यों देश के बैंकों को टाटा स्टील से 'थैंक यू' कहना चाहिए ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 March 2018, 16:31 IST

टाटा स्टील बैंकिंग प्रणाली को सबसे बड़े एनपीए में बड़ी राहत देने जा रहा है. हाल ही में टाटा स्टील ने भूषण स्टील को खरीद लिया जिस पर बैंकों का सबसे बड़ा एनपीए था. भूषण स्टील पर विभिन्न बैंकों का कुल 44,000 करोड़ रुपये का कर्ज है. रेजॉलुशन प्लान के मुताबिक, टाटा स्टील ने कर्जदाताओं को कुल 36,000 करोड़ रुपये कैश लौटाने का प्रस्ताव दिया है.

इस डील के बाद देश के सबसे बड़े ऋणदाता बैंक एसबीआई को 12,864 करोड़ रुपये में से 8,083.30 करोड़ रुपये वापस मिलेंगे. जबकि पीएनबी के 4,904 करोड़ रुपये में से 3,081 करोड़, कैनरा बैंक को 2,856 करोड़ रुपये में से 1,794 करोड़ रुपये मिलेंगे.

वहीं निजी उधारदाताओं में आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक को 1,538 करोड़ रुपये और 1,218 करोड़ रुपये मिलेंगे.

बैंकों का कितना एनपीए

फरवरी में टाटा स्टील ने भूषण स्टील एंड पावर के लिए जेएसडब्ल्यू के साथ नकद बोली लगाई, जिसमें 35,200 करोड़ रुपये का अग्रिम नकद भुगतान और उधारदाताओं को 12.2% इक्विटी की पेशकश की गई. जबकि जेएसडब्ल्यू ने 28,000 करोड़ रुपये के अग्रिम नकद भुगतान की पेशकश की थी.

रिजर्व बैंक के पिछले वर्ष दिसंबर में जारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर, 2017 तक सरकारी बैंकों के बैड लोन 7.34 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुके थे, जबकि निजी बैंकों के मामले में आंकड़ा केवल 1.03 लाख करोड़ रुपये था. सबसे ज्यादा 1.86 लाख करोड़ रुपये का एनपीए स्टेट बैंक के ऊपर है. उसके बाद 57,630 करोड़ रुपये के एनपीए के साथ पीएनबी खड़ा है. 

First published: 24 March 2018, 16:22 IST
 
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