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कच्चे तेल का आयात ऐसे रोकेगा भारत, साथ ही हर साल बचाएगा 12,000 करोड़

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2018, 15:59 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के माध्यम से चार साल बाद हर साल 12,000 करोड़ रुपये तक विदेशी मुद्रा की बचत अर्जित कर सकता है. वर्ल्ड बायोफ्यूल डे के अवसर पर एक कार्यक्रम में बोलते हुए मोदी ने कहा "देश ने आने वाले चार वर्षों में लगभग 450 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्पादन करने का अपना लक्ष्य निर्धारित किया है. 

उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण 2013-2014 में 38 करोड़ लीटर से बढ़ कर वर्ष 2017-2018 में अनुमानित 141 करोड़ लीटर हो गे है. सरकार ने जून 2018 में जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति को भी मंजूरी दे दी है."

उच्च इथेनॉल उत्पादन के परिणामस्वरूप कच्चे तेल के आयात में कमी आयी है, जिस कारण सरकारी राजकोष में बचत हुई है. पीएम मोदी ने कहा "भारत ने इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से बचत के कारण पिछले वित्तीय वर्ष में 4,000 करोड़ रुपये के विदेशी मुद्रा को बचाया है. सरकार ने अगले चार वर्षों में इस बचत को सालाना 12,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है.

 

वित्तीय वर्ष 2017-2018 के लिए भारत का कच्चे तेल आयात बिल 87.725 अरब डॉलर या 5.65 लाख करोड़ रुपये था. उन्होंने कहा, "हम भी गन्ना के रूपांतरण के माध्यम से इथेनॉल में 20,000 करोड़ रूपये की कमाई का लक्ष्य रखते हैं. यह राशि किसानों की आय में सहायता करेगी. केंद्र आलू और कृषि अपशिष्ट जैसे अधिक कृषि उत्पादन भी चाहता है ताकि इथेनॉल में परिवर्तित किया जा सके और हम इसके प्रति काम कर रहे हैं. "

नीति आयोग जल्द ही कैबिनेट के लिए एक ऐसी योजना बनाने जा रहा है जिसमे यात्री वाहनों के लिए 15% मेथनॉल के साथ मिश्रित पेट्रोल किया जा सकता है. यदि यह कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किया गया है, तो इस कदम से आपके मासिक पेट्रोल बिल में कम से कम 10% की कमी आएगी और सरकार को अपने तेल आयात बिल में कटौती करने में मदद मिलेगी.

नीति आयोग ने महत्वाकांक्षी 'मेथनॉल अर्थव्यवस्था' रोडमैप तैयार किया है. यदि देश परिवहन और खाना पकाने के लिए 15% मिश्रित ईंधन पर जाता है तो यह योजना 2030 तक कच्चे आयात में 100 बिलियन डॉलर की वार्षिक कटौती कर सकती है. वर्तमान में भारत में वाहन 10% इथेनॉल-मिश्रित ईंधन का उपयोग करते हैं.

जबकि इथेनॉल की कीमत 42 रुपये प्रति लीटर है, जबकि मेथनॉल की कीमत 20 रुपये प्रति लीटर से कम अनुमानित है. इसके 15% मिश्रण पेट्रोल की कीमतों में लगभग 10% की गिरावट ला सकता है.

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के डायरेक्टर जनरल विष्णु माथुर ने कहा, "उद्योग को अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं को समझने के लिए लेना होगा कि इंजन में सामग्री के साथ-साथ भौतिक संगतता में कितने बदलाव की जरूरत है.

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First published: 10 August 2018, 15:54 IST
 
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