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Year Ender 2020 : जीडीपी में बड़ी गिरावट के बावजूद अमीरों की सूची में जुड़ गए 10 और नए नाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 December 2020, 10:13 IST

Year Ender 2020 : कोरोना वायरस महामारी ने 2020 में भारत ही नहीं दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को हिलाकर रख दिया. हालांकि चौकाने वाली बात यह है कि भारत की जीडीपी में आयी बड़ी गिरावट के बावजूद इस साल अमीरों की सूची में 10 और नए नाम जुड़ गए. बिज़नेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी के बाद शेयर बाजार में आई तेजी ने कई अमीरों की झोली भर दी. इस सुपर-रीच क्लब में अब 90 अरबपति शामिल हो गए हैं, जो दिसंबर 2019 में 80 थे.

इन अरबपतियों की संयुक्त संपत्ति करीब 483 अरब डॉलर (लगभग 35.5 लाख करोड़ रुपये) हो गई है, यह एक साल पहले के 364 अरब डॉलर से 33 फीसदी ज्यादा है. देश के अमीरों की कुल संपत्ति देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 20 फीसदी है. दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का कहना है कि वित्त वर्ष 2021 में देश का जीडीपी 9.6 फीसदी घटकर करीब 2.6 लाख करोड़ डॉलर तक सिमट सकती है.


अंबानी-अडानी की संपत्ति में बड़ा इजाफा 

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अमीरों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं. मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति पिछले 12 महीने में 37.2 फीसदी बढ़कर 88 अरब डॉलर (6.44 लाख करोड़ रुपये) पर पहुंच गई. 2019 में अंबानी की संपत्ति में 47 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी. अंबानी ने 2020 में अपनी संपत्ति में 21.5 अरब डॉलर जोड़े. या यूं कहे कि उनकी संपत्ति प्रतिदिन 480 करोड़ रुपये बढ़ी है.

देश के एक और अमीर गौतम अडानी की संपत्ति में 2020 में सबसे इजाफा हुआ. अडानी परिवार की कुल संपत्ति 2020 में दोगुनी होकर 41 अरब डॉलर के करीब हो गई. अडानी की संपत्ति एक साल पहले 20 अरब डॉलर थी. अडानी ग्रीन, अदाणी पोट्र्स ऐंड सेज और अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में उछाल से उनकी संपत्ति में तेज इजाफा हुआ है. अडानी समूह की कंपनियों मार्केट कैप गुरुवार को दोगुना होकर 4.18 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल के अंत में 2 लाख करोड़ रुपये था. समूह की सूचीबद्घ कंपनियों में अडानी परिवार के पास 73 फीसदी हिस्सेदारी है.

जबकि उद्योग जगत में प्रवर्तकों के पास अपनी कंपनियों की औसतन 47 फीसदी हिस्सेदारी है. यही वजह है कि अडानी समूह के प्रवर्तकों की संपत्तियों में ज्यादा इजाफा हुआ है. तकनीकी क्षेत्र के उद्यमियों जैसे विप्रो के अजीम प्रेमजी, एचसीएल टेक के शिव नाडार और इन्फोसिस के संस्थापकों की शुद्ध परसंपत्तियों में वर्ष 2020 में बड़ी उछाल देखी गई. निवेशकों ने इन कंपनियों के शेयरों में काफी दिलचस्पी दिखाई. कुल मिलाकर वर्ष 2020 में सभी 10 प्रमोटर्स ने मौजूदा विनिमय दर पर अपनी संपत्ति में 76 अरब डॉलर रकम का इजाफा किया.

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First published: 26 December 2020, 10:00 IST
 
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