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Year Ender 2020 : जानिए इस साल कितना हुआ आपका सैलरी इंक्रीमेंट, सिर्फ 7 फीसदी कंपनियों ने बढ़ाया वेतन

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 December 2020, 13:00 IST

Year Ender 2020: कोरोना वायरस महामारी ने दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं को ध्वस्त करके रख दिया. बड़ी संख्या में कंपनियों को लॉक डाउन के दौरान महीनों बंद रहना पड़ा. कंपनियां अबतक अपने वर्क फाॅर्स को घरों के काम करवा रही हैं. महामारी के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां गई. ज्यादातर उद्योगों ने अपने कर्मचारियों की सैलरी में कटौती का ऐलान किया. कमाई के लिहाज से देखें तो तो यह साल बेहद निराशाजनक रहा.

इस साल अगस्त में जारी एक अध्ययनमे सामने आया कि कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर इस साल लोगों की सैलरी में बढ़ोतरी नहीं हो सकी. रिपोर्ट में कहा गया कि इस साल मात्र 7 फीसदी कंपनियों ने अपनी टीमों को 10 प्रतिशत या अधिक की वेतन वृद्धि या हाईक दी. धीमी अर्थव्यवस्था और कोविड-19 के प्रभाव के कारण सभी क्षेत्रों में औसत सैलरी वृद्धि 3.6 फीसदी तक कम हो गई है, जो अब तक सबसे कम है. 2019 में 90 फीसदी कंपनियों ने करीब 8.6 फीसदी की इंक्रीमेंट दिया था.


डेलॉयट 2020 वर्कफोर्स एंड इंक्रीमेंट ट्रेंड्स सर्वे (2020 Workforce and Increment Trends survey) के अनुसार इस सर्वे में लगभग 350 कंपनियों ने भाग लिया था. सर्वे को 7 सेक्टर्स और 25 सब- सेक्टर्स में किया गया था. लाइफ साइंस और ITeS उन क्षेत्रों में से थे, जिन्होंने अपने कर्मचारियों को उच्चतर वेतन दिया, लेकिन यहां भी औसत वेतन इंक्रीमेंट लगभग फीसदी है. विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों (manufacturing and services sectors) की कंपनियां, जो लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, ने लगभग 2 फीसदी के न्यूनतम इंक्रीमेंट की घोषणा की.

2018 के बाद से कुल वेतन वृद्धि दर (salary increase rate) भी गिर गई है. उदाहरण के लिए सर्विस साइंस सेक्टर में वेतन वृद्धि 2018 में 8.3 फीसदी से घटकर 2020 में 6.7 फीसदी हो गई है. इसका एक कारण उच्च मुद्रास्फीति दर 3.5-4 फीसदी है.

लॉकडाउन में गई नौकरियां

11 जुलाई को प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए एक सरकारी जॉब पोर्टल पर केवल 40 दिनों में 69 लाख से अधिक लोगों ने नौकरी के लिए रजिस्टर्ड किया लेकिन इनमें से नौकरी पाने वाले व्यक्तियों की संख्या पंजीकृत होने वालों का एक अंश मात्र है. 14 अगस्त से 21 अगस्त के बीच केवल एक हफ्ते में 7 लाख से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया.

हालांकि सप्ताह के दौरान, जिन्हें नौकरी मिली, उनकी संख्या सिर्फ 691 थी. भारत में पिछले 24 घंटों में 61,408 नए COVID19 मामले, 57,468 रिकवरी और 836 मौतें रिपोर्ट की गई हैं. कुल पॉजिटिव मामलों की संख्या 31,06,349 हो गई है, जिसमें 23,38,036 रिकवर और 57,542 मौतें शामिल हैं.

एयरलाइन सेक्टर की बात करें तो. ब्लूमबर्ग की एक गणना के अनुसार लगभग 400,000 एयरलाइन कर्मचारियों ने इस दौरान दुनियाभर में अपनी नौकरी गंवा दी. विमानन उद्योग को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है क्योंकि महामारी ने टिकटों की बिक्री और कमाई को ख़त्म कर दिया है. दुनियाभर में एयरलाइंस ने सीमा पर प्रतिबंधों और लॉकडाउन के कारण उड़ानों में भारी कटौती की है. भारत में भी एयरलाइन्स ने बड़ी संख्या में अपने कर्मचारियों के वेतन में कटौती की है.

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First published: 24 December 2020, 13:00 IST
 
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