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Zomato फाउंडर बोले- हड़ताल का धार्मिक आस्था से कोई लेना देना नहीं था, बताई असल कहानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 August 2019, 12:02 IST

Zomato के संस्थापक दीपिंदर गोयल ने कर्मचारियों को एक आंतरिक मेल में कहा है कि पश्चिम बंगाल के हावड़ा में कुछ फ़ूड डिलीवरी एक्सिक्यूटिव की हड़ताल का भोजन या धार्मिक आस्था से कोई लेना-देना नहीं है.  उन्होंने कहा 5 अगस्त से Zomato डिलीवरी एक्सिक्यूटिव का एक वर्ग भुगतान दर में कथित कटौती को लेकर हड़ताल पर है.

रविवार को उनके विरोध प्रदर्शन ने राष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं थी जब प्रदर्शन करने वालों ने आरोप लगाया था कंपनी उन्हें गोमांस या सूअर का मांस डिलीवरी के लि मजबूर कर रही है, जो उनके धार्मिक विश्वासों के खिलाफ है. गोयल ने लिखा, मुट्ठीभर डिलीवरी राइडर का यह विरोध हावड़ा क्षेत्र तक सीमित था. यह मुद्दा मुख्य रूप से उस क्षेत्र के हालिया रेट कार्ड सुधार से संबंधित था.

 

अपने पत्र में गोयल ने कहा, "कभी-कभार डिलीवरी कुछ डिलीवरी राइडर कई बार रेट कार्ड करेक्शन को नहीं समझते है और बदलाव का विरोध करना शुरू कर देते हैं. हावड़ा में भी यही हुआ और इन लोगों ने एक स्थानीय राजनीतिज्ञ से संपर्क किया और जानबूझकर इस मुद्दे को गलत तरीके से पेश किया."

गोयल ने कहा “हम यह जानते हैं क्योंकि हमने अपने ऑर्डर डेटाबेस में एक नज़र डाली और उस पूरे क्षेत्र में पिछले तीन महीनों में पोर्क वाले किसी भी आइटम के लिए स्थानीय घरों से शून्य ऑर्डर थे. उन्होंने कहा इस कथित विरोध का भोजन या धर्म या मान्यताओं से कोई लेना-देना नहीं है. इस बीच, कंपनी के अधिकारियों के साथ गतिरोध को हल करने में विफल रहने के कारण डिलीवरी अधिकारियों ने मंगलवार को अपनी हड़ताल जारी रखी.

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First published: 14 August 2019, 11:40 IST
 
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