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छत्तीसगढ़: 27 लाख गरीबों को नहीं मिल रहा राशन

शिरीष खरे | Updated on: 8 November 2016, 7:39 IST
QUICK PILL
  • छत्तीसगढ़ में सरकारी लेटलतीफ़ी के चलते यहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली सही ढंग से काम नहीं कर पा रही है. सरकार ने राशन पाने वालों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है.
  • राज्य में सरकारी सस्ते राशन के लाभार्थी तकरीबन 27 लाख लोगों के पास आधार कार्ड है ही नहीं. लिहाजा उन्हें अधिकारी राशन नहीं दे रहे हैं.
  • हालांकि राज्य के खाद्य मंत्री का कहना है कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है उन्हें भी राशन दिया जाएगा. लेकिन ऐसे तमाम लोगों से कैच ने बात की जिन्होंने बताया कि आधार न होने के चलते उन्हें राशन नहीं मिल रहा. 

छत्तीसगढ़ के खाद्य विभाग ने हाल ही में राशन पाने वाले लाभार्थियों की एक फैक्टशीट जारी की थी. विभाग ने तकरीबन 58 लाख राशन कार्ड धारकों की लिस्ट जारी करते हुए कहा था कि अब राशन सिर्फ उन्हें मिलेगा जिनके पास आधार कार्ड होगा. 

मगर हैरानी की बात यह है कि राज्य में तकरीबन 27 लाख राशन कार्ड धारक ऐसे हैं कि जिनके पास आधार कार्ड नहीं है. दुकानों का चक्कर काटने के बावजूद इन्हें राशन नहीं मिल पा रहा है. रायपुर में हिरी बाई अपने हिस्से का राशन लेने के लिए दुकान पर पहुंचीं तो उन्हें राशन देने से मना कर दिया गया. हिरी बाई कहती हैं कि वह छह महीने में तीन बार बैंक खाते और आधार-कार्ड की फोटोकॉपी दे चुकी हैं लेकिन फिर भी वह इस लाभ से वंचित हैं.

राशन मांगने पर दुकानदार कहते हैं कि अभी उनके आधार कार्ड राशन कार्ड से नहीं जुड़ पाए हैं, इसलिए उन्हें पीडीएस का लाभ नहीं मिल रहा है. इसके लिए दुकानदार अफसरों की लेटलतीफ़ी को ज़िम्मेदार ठहराते हैं. मगर अंदरूनी सच्चाई यह है कि सरकार और दुकानदार ऐसे लोगों को राशन देने के ही मूड में नहीं हैं जिनका आधार कार्ड अभी तक नहीं बना है. 

हालांकि कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ के खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने घोषणा की थी कि राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक न करा पाने वाले परिवारों के राशन में किसी तरह की कोई कटौती नहीं होगी. 14 अक्टूबर को आदेश भी जारी किया गया था. मगर मंत्री के आदेश के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है. 

कैच न्यूज़ ने जब रायपुर में राशन की कई दुकानों पर पड़ताल की तो कई तरह की खामियां सामने आईं. जैसे कि एक जगह राशन कार्ड पर 5 सदस्यों का नाम दर्ज हैं, जबकि उनमें से सिर्फ 2 का ही आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक हो पाया है. जाहिर है एक ही परिवार के तीन सदस्यों का राशन मारा गया. पड़ताल के दौरान पता चला कि अधिकतर लाभार्थियों के नाम पीडीएस के ऑनलाइन सिस्टम में नहीं दिखाई दे रहे हैं.

यहां गौर करने वाली बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ निर्देश दिया है कि किसी भी योजना के लिए आधार कार्ड का होना ज़रूरी नहीं है. मगर इसके बावजूद सुनियोजित तरीक़े से राज्य में लाखों लोगों को पीडीएस के लाभ से बाहर रखा गया है. 

कुछ मामले ऐसे भी हैं कि अगर किसी परिवार के पांच सदस्यों को 35 किलो चावल मिलना था तो उसमें कटौती करके सिर्फ 21 किलो ही दिया जा रहा है. अधिकारी-कर्मचारी यह बताने की स्थिति में नहीं हैं कि परिवार के किसी सदस्य का आधार नंबर कब तक लिंक हो जाएगा और परिवार का ऐसा सदस्य आखिर कब तक सरकार के सार्वजनिक विरण प्रणाली से छूटा रहेगा?

इस सवाल के जवाब में विभागीय मंत्री पुन्नूलाल मोहले ने कहा, 'मैं फिर साफ कर दूं कि राशन-कार्ड और आधार-कार्ड का लिंक न होने के बाद की स्थिति में भी किसी परिवार या परिवार के सदस्य का राशन नहीं काटा जाएगा. आदेश जारी करने के बावजूद यदि राशन नहीं दिया जा रहा है तो इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदार माना जाएगा और कार्रवाई भी उन्हीं के खिलाफ होगी'. 

छत्तीसगढ़ और राशनकार्ड समस्या

58,54,208 कुल राशन कार्ड

2,11,61,342 कुल सदस्यों की संख्या

1,83,80,569 कुल आधार लिंक

27,80,773 इन्हें नहीं मिल रहा राशन

राजधानी रायपुर की स्थिति

32,3293 कुल राशन कार्ड

12,60,863 कुल सदस्यों की संख्या

11,29,048 कुल आधार लिंक

13,815 इन्हें नहीं मिल रहा राशन

First published: 8 November 2016, 7:39 IST
 
शिरीष खरे @catch_hindi

विशेष संवाददाता, राजस्थान पत्रिका

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