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क्रिकेट में नेपोटिज्म को लेकर आकाश चोपड़ा ने कही ये बात, दिया सचिन तेंदुलकर के बेटे का उदाहरण

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2020, 14:46 IST

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत के निधन के बाद से ही नेपोटिज्म को लेकर जमकर बहस चल रही है. बीते दिनों ही सोशल मीडिया पर एक फेक पोस्ट भी वायरल हुई थी जिसमें दावा किया गया था कि सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के बेटे अर्जुन तेंदुलकर (Arjun Tendulkar) को भारत की अंडर 19 टीम (India Under 19 Cricket Team)  में इसीलिए जगह मिली थी क्योंकि वो सचिन तेंदुलकर के बेटे हैं, जिसके कारण प्रणव धनवडे नामक खिलाड़ी को टीम में जगह नहीं मिल पाई. वहीं अब टीम इंडिया (Team India) पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा (Aakash Chopra) इस मुद्दे पर खुलकर सामने आए हैं और उन्होंने कहा है कि क्रिकेट के खेल में भाई-भतीजावाद काफी काम नहीं करता है.

टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने नेपोटिज्म पर बोलते हुए सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) के बेटे राहुल गावस्कर (Rahul Gavaskar) और सचिन तेंदुकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर का उदाहरण दिया है. राहुल गावस्कर का उदाहरण देते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि राहुल को नेशनल टीम में जगह उनके घरेलू स्तर पर प्रदर्शन के कारण मिली.


राहुल ने घरेलू क्रिकेट में 10,208 रन बनाए हैं जिसमें उन्होंने 19 शतक और 53 अर्धशतक लगाए हैं. राहुल को भारतीय टीम (India National Cricket Team) में जगह मिली जहां उन्होंने 10 वनडे मैचों में 151 रन बनाए और उसके बाद उन्हें ड्राप कर दिया गया. आकाश चोपड़ा ने कहा कि सुनील गावस्कर के बेटे होने के बाद भी राहुल को मुंबई रणजी टीम में जगह नहीं निली.

आकाश चोपड़ा ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा,"एेसा नहीं है दोस्त! यदि आप बड़ी तस्वीर देखते हैं, तो सुनील गावस्कर के बेटे रोहन गावस्कर थे. सिर्फ इसलिए कि वह सुनील गावस्कर के बेटे थे, वो बहुत क्रिकेट खेलते, कई वनडे और टेस्ट मैच खेलने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ." उन्होंने आगे कहा,"और जब वह भारत के लिए खेले तो ऐसा इसलिए था क्योंकि वह लगातार बंगाल के लिए अच्छा कर रहे थे. उन्हें मुंबई की टीम में जगह नहीं मिल रही थी, हालांकि उनके पास गावस्कर के रूप में उपनाम था."

वहीं सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर के बारे में उन्होंने कहा अर्जुन ने भारत की अंडर 19 टीम के लिए साल 2018 में श्रीलंका के खिलाफ पहला मुकाबला खेला था. लेकिन इस साल अंडर 19 विश्व कप (Under 19 World Cup) में उन्हें जगह नहीं मिली. पिछले साल, वह मुंबई टी 20 लीग में खेले, लेकिन अभी तक अपने राज्य की रणजी टीम में अपनी जगह नहीं बना पाए हैं.

आकाश चोपड़ा ने कहा,"आप अर्जुन तेंदुलकर के बारे में एक ही बात कह सकते हैं, क्योंकि वह तेंदुलकर का बेटा है, उसे एक थाल पर सब कुछ सजा कर नहीं दिया गया है. वह भारतीय टीम में आसानी से नहीं पहुंचे हैं. भारत की अंडर -19 टीम के लिए भी ऐसा कोई बेकार का चयन नहीं होता है."

भले ही आकाश चोपड़ा ने राष्ट्रीय टीम में नेपोटिज्म से इंकार किया हो लेकिन उन्होंने यह माना कि राज्य स्तर पर नेपोटिज्म है. उन्होंने एक उदारण देते हुए बताया कि एक लड़के को इसलिए टीम का कैप्टन बना दिया गया क्योंकि वो प्रशासक का बेटा था, और उसके बाद पर्याप्त क्षमता भी नहीं थी. उन्होंने कहा कि निचले स्तर के क्रिकेट में, भाई-भतीजावाद मौजूद हो सकता है, लेकिन उच्चतम स्तर पर नहीं.

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First published: 27 June 2020, 14:42 IST
 
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