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आखिरकार 18 साल बाद साकार हुआ उत्तराखंड के युवाओं का धोनी बनने का सपना

सुनील रावत | Updated on: 18 June 2018, 20:47 IST

आखिरकार पहाड़ी  राज्य उत्तराखंड बनने के 18 साल बाद राज्य के क्रिकेट बोर्ड को बीसीसीआई की मान्यता मिल गई है. इस खबर के साथ ही राज्य के युवाओं का उत्तराखंड के लिए खलने का सपना भी साकार हो गया. इससे पहले मान्यता न मिलने के कारण उत्तराखंड के युवा दूसरे राज्यों से खेलने पर मजबूर थे. दरअसल राज्य में सक्रिय चार क्रिकेट संघों के झगडे के कारण मामला लम्बे समय से अटका पड़ा था.

बीसीसीआई की मान्यता न मिलने के कारण पहाड़ी सूबे के युवा दूसरे राज्यों से खेल रहे थे. जिनमे पवन नेगी दिल्ली, मानवी जोशी यूपी, एकता बिष्ट, श्वेता वर्मा, आर्यन जुयाल, कमलेश नगरकोटी जैसे कई नाम शामिल थे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में बीसीसीआई की प्रशासक समिति के साथ हुई बैठक में राज्य की चारों क्रिकेट एसोसिएशनों ने अपना-अपना पक्ष रखा. उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन को छोड़कर बाकी तीन एसोसिएशनों ने मान्यता को लेकर बीसीसीआई के सामने एकजुटता दिखाई.

 

अब तक क्यों नहीं मिल पा रही थी मान्यता ? 

दरअसल अब तक उत्तरखंड के कार्यरत चार क्रिकेट एसोसिएशनों की लड़ाई इतनी बढ़ गई थी कि इसे लोढ़ा कमेटी भी ख़त्म नहीं कर पा रही थी. दरअसल लोढ़ा कमेटी की शिफारिश के बाद जुलाई 2016 में बीसीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राज्य को बीसीसीआई की पूर्ण सदस्यता मिलनी चाहिए, लेकिन इसके डेढ़ साल बाद भी चार एसोसिएशनों की अपनी खींचतान और बर्चस्व की लड़ाई में बीसीसीआई यह तय नहीं कर पाया है कि आखिर वह किस एसोसिएशन को मान्यता दे.

इस पर बीसीसीआई का कहना है कि अगर राज्य में कार्यरत चारों क्रिकेट एसोसिएशन एक बैनर के नीचे आ जाएं तो उनको मान्यता दी जा सकती है लेकिन इसके लिए ये संस्थाएं सहमति नहीं बना पा रही हैं. इन एसोसिएशनों में उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए), क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड (सीएयू) उत्तरांचल क्रिकेट असोसिएशन (यूसीए) और यूनिटेड क्रिकेट एसोसिएशन (यूसीए) का नाम शामिल था.

साल 2006 में तत्कालीन खेल मंत्री खजान दास के वक्त 'क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड' नामक संस्था ने बैठक का ही बहिष्कार कर दिया था. इन सभी एसोसिएशन को मिलाने के लिए हमारे एसोसिएशन (यूसीए) ने राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से भी हस्तक्षेप करने को कहा गया था और 16 अक्टूबर 2017 को सीएम ने एक बैठक भी बुलाई लेकिन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड आखिरी वक्त पर अड़ गई थी.

First published: 18 June 2018, 20:46 IST
 
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