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सरकार के सामने झुकी बीसीसीआई, नाडा करेगी टीम इंडिया के खिलाड़ी का डोप टेस्ट

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 August 2019, 19:34 IST

विश्व के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई को भी आखिरकार झुकना पड़ा, सालों के नानुकुर के बाद अंतत: बीसीसीआई को इसके लिए राजी होना पड़ा कि वो राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी के दारयें में आएगी. इस बात की जानकारी खेल सचिव राधेश्याम जुलानिया ने दी है. बता दें, बीते दिनों ही भारत के भविष्य के तौर पर देखे जा रहे पृथ्वी शॉ के डोप टेस्ट फेल होने के बाद आई है. डोप टेस्ट के लिए पृश्वी शॉ का सैंपल फरवरी महीने के दौैरान ही लिया गया था लेकिन बीसीसीआई इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं कर रहा था. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो सरकार के दखल के बाद ही पृथ्वी शॉ पर प्रतिबंध लगाया गया है.

राधेश्याम जुलानिया ने बीसीसीआई के सीईओ राहुल जोहरी से मुलाताक के बाद इसकी जानकारी दी है. नाडा में आने के फैसलों को लेकर दोनों के बीच बातचीत हुई थी. इसमें बीसीसीआई की तरफ से डोप टेस्ट किट्स की गुणवत्ता, पैथालॉजिस्ट की काबिलियत और नमूने इकट्ठे करने की प्रकिया का मुद्दा उठाया गया था. खेल सचिव की तरफ से बीसीसीआई को भरोसा दिलाया गया है कि बीसीसीआई की जरूरत के हिसाब से ही सभी सुविधाएं दी जाएंगी.

 

राधेश्याम जुलानिया ने कहा कि,'बीसीसीआई ने हमारे सामने तीन मसले रखे जिसमें डोप टेस्ट किट्स की गुणवत्ता, पैथालाजिस्ट की काबिलियत और नमूने इकट्ठे करने की प्रक्रिया शामिल थी . हमने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें उनकी जरूरत के मुताबिक सुविधायें दी जायेंगी लेकिन उसका कुछ शुल्क लगेगा . बीसीसीआई दूसरों से अलग नहीं है .' वहीं बीसीसीआई के सीईओ ने जानकारी देते हुए कहा,'अब सभी क्रिकेटरों का टेस्ट नाडा करेगी .'

बीसीसीआई काफी लंबे समय से नाडा के अंतर्गत आने से इंकार करता रहा है. बीसीसीआई का तर्क है कि वो स्वायत्त इकाई है और वो राष्ट्रीय खेल महासंघ का हिस्सा भी नहीं है. साथ ही बीसीसीआई सरकार से फिंडिंग भी नहीं लेता ऐसे में वो नाडा के दायरें में नहीं आता. वहीं दूसरी तरफ सरकार का लगातार मानना है कि बीसीसीआई को नाडा के दायरें में आना ही होगा.

बता दें, नाडा के पास अधिकार है कि वो सभी खिलाड़ियों का डोप टेस्ट के लिए सैंपल ले और उनकी जांच करे. अगर नाडा के डोप टेस्ट में कई दोषी पाया जाता है तो नाडा उस पर दो साल से लेकर आजीवन प्रतिबंध लगा सकता है.वहीं किसी खिलाड़ी के साथ कोई भेदभाव ना हो इसके लिए एंटी डोपिंग अनुशासन पैनल और एंटी डोपिंग अपील पैनल की व्यवस्था की गई है.

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First published: 9 August 2019, 19:13 IST
 
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