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भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री को लेकर आमने सामने आएंगे बीसीसीआई और सीओए?

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 July 2019, 20:11 IST

टीम इंडिया 29 जुलाई को वेस्टइंडीज दौरे के लिए रवाना हो चुकी है. विश्व कप के सेमीफाइनल मुकाबले में हारने के बाद टीम इंडिया का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है. वहीं इस दौरे के बाद ही यह तय हो जाएगा कि टीम इंडिया का नया हेड कोच कौन बनने वाला है. इस रेस में सबसे आगे जो नाम चल रहा है वो रवि शास्त्री का है. बतौर कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल विश्व कप से पहले ही समाप्त हो चुका था . लेकिन विश्व कप और उसके बाद वेस्टइंडीज दौरे को ध्यान में रखते हुए उनका कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है.

बीसीसीआई ने विश्व कप के बाद ही टीम इंडिया के कोच के लिए आवेदन मांगे थे. जिसकी अंतिम तारीख 30 जुलाई थी. वेस्टइंडीज दौरे पर रवाना होने से पहले हुई प्रेस कांफ्रेंस में विराट कोहली से जब हेड कोच से जुड़ा सवाल पूछा था तब उन्होंने कहा था कि कोच समिति के सदस्यों ने उनसे अभी तक संपर्क नहीं किया है. अगर वो उनसे सवाल पूछते है तो निश्चित तौर पर वो रवि शास्त्री का नाम लेंगे.

 

विराट कोहली के इस खुले समर्थन के बाद से कई दिग्गज क्रिकेटरों का मानना है कि रवि शास्त्री का दोबारा से कोच बनना तय है. टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी आकाश चोपड़ा ने विराट कोहली के बयान के बाद ट्विट कर इस बात के संकेत भी दिए है. आकाश ने लिखा कि,‘टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कोच के लिए अपनी प्राथमिकता बता दी है. सीएसी के सदस्यों में से एक ने टीम इंडिया के मुख्य कोच की स्थिति के लिए ऐसा ही किया है. एक बार फिर से उन सभी को शुभकामनाएं जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया है या फिर कर रहे हैं.’

साल 2017 की चैंपियन ट्राफी के समय अनिल कुंबले ने कप्तान कोहली के साथ विवादों के कारण कोच पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद रवि शास्त्री को टीम का कोच बनाया गया था. हालांकि उस दौरान सहवाग ने भी कोच पद के लिए आवेदन किया था. विराट कोहली ने रवि शास्त्री को अपना पंसद बताया था जिसके बाद 2-1 के मत से रवि शास्त्री को कोच बनाया गया था.

 

बीसीसीआई ने विश्व कप के बाद जिन लोगों पर टीम इंडिया का हेड कोच चुन्ने का जिम्मा सौंपा है उसमें साल 1983 में भारतीय क्रिकेट टीम को विश्व विजेता बनाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव, अंशुमान गायकवाड़ और पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी शामिल है. हाल ही में कोच चुनने की समिति के सदस्य अंशुमान गायकवाड़ ने एक बयान दिया है.

अंशुमान गायकवाड़ ने कहा है कि विराट कोहली क्या चाहते हैं इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है. ये विराट कोहली का निजी बयान है जिस पर बीसीसीआई ध्यान दे सकती है. हमें इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ने वाला है. ऐसे में उनके इस बयान के जो मायने निकाले जा रहे हैं उसमें एक ये भी है कि रवि शास्त्री शायद टीम इंडिया के कोच न बन पाए.

 

हालांकि अगर ऐसी कोई स्थिति आती है तो ऐसे में सीओए और बीसीसीआई एक दूसरे के आमने सामने आ सकते है. दरअसल, कपिल देव की अगुवाई वाली कोच चयन समिति ने इससे पहले भारतीय महिला क्रिकेट टीम का कोच नियुक्त किया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट द्ववारा नियुक्त प्रशासको की समिति की सदस्य डायना एडुल्जी ने इस नियुक्त पर सवाल उठाए थे.

ऐसा कहा जाता है कि प्रशासको की समिति विराट कोहली कोे बतौर कप्तान काफी पंसद करती हैं. ऐसे में जानकारों का मानना है कि अगर ऐसी कोई स्थिति बनती है कि बीसीसीआई की तदर्थ समिति रवि शास्त्री को टीम का कोच न चुने तो ऐसे में दोनों एक दूसरे केे आमने सामने आ जाए. महिला क्रिकेट टीम के कोच के चयन के समय ऐसा देखने को भी मिला था. क्योंकि कपिल देव की अगुवाई वाली समिति ने कप्तान भारतीय महिला  टी20 टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर की मांग पर विचार नहीं किया था और रमेश पवार की जगह वी बी रमन को कोच नियुक्त किया था.

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First published: 31 July 2019, 20:11 IST
 
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