Home » क्रिकेट » BJP MP Savitri Bai Phule criticize his party on Dalit Issue and says Only a pro-Dalit party can form next Govt at the Centre
 

भाजपा सांसद सावित्रीबाई फूले- दलितों की हितैषी पार्टी की 2019 में बनेगी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 August 2018, 17:56 IST
(File photo )

बीजेपी सांसद और दलित नेता सावित्री बाई फुले ने बुधवार को मांग करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश से SC/ST एक्ट पूरी तरह से निष्प्रभावी हो गया है. फिर से मजबूत करने के लिए SC/ST एक्ट पर संसद में बहस होनी चाहिए. ताकि इसको मजबूत बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि दलित समर्थित पार्टी ही साल 2019 में केंद्र में सरकार बनाने में सफल होगी. इस दौरान उन्होंने अपनी ही पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि दलितों के खिलाफ अत्याचार के मामले बढ़ रहे हैं.

सावित्री बाई फुले ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इस दौरान उन्होंने सरकार के सामने 15 बिदुंओं पर अपनी मांग रखते हुए कहा कि 2 अप्रैल को देशव्यापी आंदोलन के गिरफ्तार किए गए दलितों के खिलाफ दर्ज किए गए केस वापस लेने की अपील की है.

उन्होंने कहा कि 20 मार्च 2018 को सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाते हुए आदेश देते हुए कहा था कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग होने से रोकने के लिए इस काननू का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति की तत्काल गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी. इसको लेकर दलितों ने देशव्यापी आंदोंलन शुरू किया था.

यूपी के बहराइच से बीजेपी सांसद सावित्री फुले ने कहा कि लोकसभा में नोटिस देने के बावजूद भी सदन एससी एसटी एक्ट पर चर्चा कराने में असफल रहा. उन्होंने कहा कि मैंने अन्य दलित सांसदों से मुलाकात कर संसद में एससी-एसटी एक्ट पर चर्चा कराने के लिए आवाज उठाने के लिए कहा है.

क्या दलित मुद्दे को लेकर मोदी सरकार से नाखुश होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि एक एक जिम्मेदार नेता होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि देश में हो रहे अत्याचार के मुद्दों को उजागर करूं.

बीजेपी सांसद ने कहा कि आज पूरे देश में दलितों और पिछड़ों पर अत्याचार किए जा रहे हैं. हमारी जिम्मेदारी है कि हम इन घटनाओं से सरकार को अवगत कराएं और पूछें कि वो इन घटनाओं को रोकने में असफल क्यों हैं. उन्होंने आगे कहा कि अगले लोकसभा चुनाव में वहीं पार्टी सरकार बनाने में सफल होगी, जो दलितों के हितों की रक्षा करेगी.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद केंद्र सरकार को अब जल्दी से सरकारी नौकरियों में दलितों के प्रमोशन में आरक्षण लागू कर देना चाहिए. इसके साथ ही दलितों को संविधान की 9वीं सूची में शामिल किया जाए. इसके अलावा, निजी क्षेत्र में आरक्षण के प्रावधान किए जाने चाहिए. बीजेपी सांसद ने देश में जातीय-आधारित जनगणना के आधार पर उन समूहों और समुदायों की पहचान करने पर जोर दिया जो अभी भी शिक्षा से वंचित हैं.

ये भी पढ़ें- दलित आंदोलन के ऐतिहासिक आईने में उना रैली का अक्‍स

First published: 1 August 2018, 17:55 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी