Home » क्रिकेट » CK Nayudu birthday, Indian cricket's first captain, starts his debut on 37 years against England in 1932
 

संन्यास लेने की उम्र में इस क्रिकेटर ने रखा अंतरराष्ट्रीय मैच में पहला कदम

हेमराज सिंह चौहान | Updated on: 31 October 2017, 14:40 IST

सीके नायडू टीम इंडिया के पहले कप्तान थे, जिन्होंने टीम इंडिया की तरफ से सबसे पहले भारत की कमाल संभाली. सीके नायडू की मंगलवार को 122वीं जयंती है. टीम इंडिया वर्तमान में दुनिया की सबसे बेहतरीन टीमों में गिनी जाती है. लेकिन एक समय ऐसा था जब टीम इंडिया भी इस खेल में अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रही थी.

भारत ने आजादी से पहले ही क्रिकेट के मैदान में अपना कदम रख रख दिया था. उस समय टीम इंडिया को ऐसा खिलाड़ी मिला जिसने भारत की ना सिर्फ कप्तानी की बल्कि भारत की तरफ से शानदार प्रदर्शन भी किया.

सीके नायडू ने 37 साल की उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा जबकि आज के दौर में इस उम्र तक पहुंचने के बाद अधिकतर खिलाड़ी संन्यास ले लेते हैं.

31 अक्टूबर 1895 को महाराष्ट्र के नागपुर में जन्म लेने वाले सीके नायडू नेे इंग्लैंड के खिलाफ जून 1932 में टेस्ट क्रिकेट में कदम रखा. इसके बाद सीके नायडू ने वापस पलटकर नहीं देखा. उन्होंने अपना आखिरी मैच 68 साल की उम्र में खेला. उन्होंने अपने करियर में 207 फर्स्ट क्लास मैच खेले. 

उन्होंने भारत की तरफ से सात टेस्ट मैच खेले. इसमें उन्होंने दो अर्धशतकों की मदद से 350 रन बनाए. नायडू तेज गेंदबाजी भी करते थे. उन्होंने भारत की ओर से 7 मैचों में 9 विकेट लिए. दरअसल नायडू 1923 में होल्कर महाराज के आमंत्रण पर नागपुर से इंदौर आए थे और फिर ताउम्र इंदौर के ही होकर रह गए.

होलकर महाराज ने उनकी कद काठी को देखते हुए उन्हें अपनी सेना में कैप्टन बनाया और यहीं से वह कर्नल सीके नायडू बन गए.

किस्मत से मिली कप्तानी

आजादी से पहले टीम के कप्तान राजा महाराजा हुआ करते थे. साल 1932 में इंग्लैंड जा रही भारतीय टीम के कप्तान पोरबंदर के महाराज थे, लेकिन आखिरी समय में स्वास्थ्य कारणों से वह इस दौरे में नहीं जा पाए और फिर कर्नल सीके नायडू को भारतीय टीम का पहला कप्तान बनने का गौरव प्राप्त हो गया. हालांकि अन्य खिलाड़ियों ने शुरुआत में इसका खूब विरोध किया था. 

जब चांदी का बल्ला भेंट में मिला

साल 1926-27 में उन्होंने मुंबई में 187 गेंदों पर 153 रनों की पारी खेली थी. इस पारी में उन्होंने 11 छक्के लगाए. इसमें से एक छक्का तो इतना लंबा था कि वो जिमखाना की छत पर जा गिरा. इस मैच के बाद उन्हें चांदी का बल्ला भेंट किया गया.

First published: 31 October 2017, 14:40 IST
 
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