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सचिन तेंदुलकर 'क्रिकेट के भगवान' हैं लेकिन ये भारतीय बल्लेबाज 'लॉर्ड्स का भगवान' है

हेमराज सिंह चौहान | Updated on: 7 August 2018, 14:00 IST

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज भारतीय बल्लेबाज जो कारनामा क्रिकेटे के मक्का कहे जाने वाले लार्ड्स में नहीं कर पाए वो कारनामा दिलीप वेंगसकर ने कर दिखाया था. इसी वजह से कर्नल के नाम से मशहूर दिलीप वेंगसकर को लार्ड्स का भगवान कहा जाता है. वो एकमात्र बल्लेबाज है जिन्होंने यहां तीन टेस्ट में तीन शतक जड़े हैं.

लॉर्ड्स में दाएं हाथ के बल्लेबाज वेंगसकर ने चार टेस्ट मैचों में 508 रन बनाए हैं. इन मैचों का इनका बल्वेबाजी औसत 72.57 का रहा है. मुंबई से आने वाले वेंगसकर ने सबसे पहले साल 1979 इस मैदान में अपना पहला शतक मारा. इस टेस्ट की मैच की दूसरी पारी में उन्होंने 103 रन बनाए थे.  इसके तीन साल बाद साल 1982 मे उन्होंन 157 रन बनाते हुए दूसरी सेंचुरी मारी. साल 1986 में वेंगसकर ने नाबाद 126 रन बनाकर लॉर्ड्स में अपना तीसरा शतक ठोका. 

इस ऐतिहासिक मैदान में आखिरी बार वेंगसरकर ने साल 1990 में टेस्ट मैच खेला. इस टेस्‍ट की पहली पारी में उन्‍होंने 52 रन और दूसरी पारी में 35 रन बनाए. हालांकि इस मैच में वो शतक नहीं लगा पाए. लेकिन क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में लगातार तीन टेस्‍ट शतक मारने की वजह से उन्हें 'लॉर्ड ऑफ लॉर्ड्स' भी कहा जाता था. 

भारत के महान बल्लेबाज और दुनिया भर में 'क्रिकेट के भगवान' के नाम से मशहूर सचिन भी ये कारनामा लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान में नहीं कर पाए. दिलीप वेंगसकर ने भारत की तरफ से साल 1976 से 1992 तक खेला. कर्नल के नाम से लोकप्रिय वेंगसरकर ने 116 टेस्‍ट मैचों में 42.13 के औसत से 6868 रन बनाए. इसमें 17 शतक और 35 अर्धशतक शामिल हैं. उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच साल 1992 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला. वो भारतीय टीम के कप्तान भी रह चुके हैं. और संन्यांस लेने के बाद वो भारतीय चयन समिति के अध्यक्ष भी रहे. 

दिलीप वेंगसकर 70 से 80 के दशक तक भारतीय टीम के प्रमुख बल्लेबाजों मे से एक थे. उनकी कवर ड्राइव देखने लायक होती थी. टीम इंडिया ने इस एतिहासिक मैदान में अब तक 17 टेस्‍ट खेल चुकी है, इसमें से 2 में उसे जीत हासिल हुई है जबकि चार टेस्‍ट ड्रॉ रहे हैं. इस मैदान पर टीम को 11 टेस्‍ट में इंग्‍लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है.

टीम इंडिया ने साल 1986 में कपिल देव की कप्‍तानी में लॉर्ड्स में  इंग्‍लैंड को 5 विकेट से और फिर 28 साल बाद साल 2014 में महेंद्र‍ सिंह धोनी की कप्‍तानी में  95 रन से जीत हासिल की थी. गौरतलब है कि विराट कोहली की अगुवाई में टीम इंडिया इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैचों की सिरीज खेल रही है. पहले टेस्ट में टीम इंडिया को हराकर इंग्लैंड 1-0 से आगे चल रही है. विराट कोहली को सिरीज में बने रहने के लिए दूसरा टेस्ट मैच जीतना होगा. सिरीज का दूसरा टेस्ट मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स में 9 अगस्त से खेला जाएगा. 

First published: 7 August 2018, 14:00 IST
 
हेमराज सिंह चौहान @@journalist_hem

इंडिया टीवी और न्यूज 24 में आउटपुट में काम करने के बाद डिजिटल मीडिया में कदम. राजनीति, खेल और समसामयिक विषयों में गहरी रुचि.

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