Home » क्रिकेट » From Rs 10-a-wicket to Deodhar Trophy call-up: The Journey of Pappu Roy
 

कभी पेट की भूख शांत करने के लिए लेता विकेट, अब अजिंक्य रहाणे को जिताएगा देवधर ट्रॉफी

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 October 2018, 9:42 IST

पापू राय. ओडिशा का यह क्रिकेटर अगले हफ्ते देवधर ट्रॉफी में डेब्यू कर सकता है. 23 साल के इस क्रिकेटर के लिए यह किसी सपने से कम नहीं है, जिसे कुछ साल पहले तक दो जून की रोटी के लिए मशक्कत करनी पड़ती थी. पापू राय आज से 10 साल पहले सिर्फ इसलिए गेंदबाजी करते थे, कि उन्हें इसके बदले खाना मिलेगा. यानी, उन्हें भूखे पेट नहीं सोना पड़ेगा. पापू राय को देवधर ट्रॉफी के लिए अंजिक्य रहाणे की अगुवाई वाली भारत-सी टीम में चुना गया है. देवधर ट्रॉफी 23 अक्टूबर से खेली जाएगी.

माता-पिता को कभी नहीं देखा, कभी गांव नहीं गया
पापू ने कहा, ‘उनको (माता-पिता) कभी नहीं देखा. कभी गांव नहीं गया. मैंने उनके बारे में केवल सुना है. काश वे मुझे भारत-सी की तरफ से खेलते हुए देखने के लिए जीवित होते. मैं कल पूरी रात नहीं सो पाया और रोता रहा. मुझे लगता है कि पिछले कई वर्षों की मेरी कड़ी मेहनत का अब मुझे फल मिल रहा है.’ माता-पिता की मौत के बाद पापू के चाचा ने उनकी देखभाल की, लेकिन जल्द ही उनकी भी मौत हो गई.

ये भी पढे़ं: वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सिरीज में हिटमैन रोहित बनेंगे कोहली से 'विराट' !

बॉल डालेगा तो खाना खिलाऊंगा...
चाचा की मौत के बाद 15 वर्षीय किशोर पापू के लिए एक समय का भोजन जुटाना भी मुश्किल हो गया. लेकिन क्रिकेट से उन्हें नया जीवन मिला. पापू ने अपने पुराने दिनों को याद किया जब हर विकेट का मतलब होता था कि उन्हें दोपहर और रात का पर्याप्त खाना मिलेगा. पापू ने बताया, ‘भैया लोग बुलाते थे और बोलते थे कि बॉल डालेगा तो खाना खिलाऊंगा. और हर विकेट का दस रुपए देते थे.

सितंबर में डेब्यू किया, 8 मैच में 14 विकेट झटके
पापू राय को 2015 में ओडिशा अंडर-15 टीम में जगह मिली. पापू तीन साल बाद 2018 में सीनियर टीम में पहुंच गए और उन्होंने ओडिशा की तरफ से लिस्ट ए के आठ मैचों में 14 विकेट लिए. अब वे देवधर ट्रॉफी में खेलने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने कहा, ‘उम्मीद है कि मुझे मौका मिलेगा और मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा. इससे मुझे काफी कुछ सीखने को मिलेगा.’

First published: 20 October 2018, 9:42 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी