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'रोहित शर्मा की टीम' ने किया कमाल, पहले ठोके दिए 761 रन फिर 0 पर सभी बल्लेबाजों को दिखाई पवेलियन की राह

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 November 2019, 14:12 IST

मुंबई में हैरिस शील्ड टूर्नामेंट(Harris Shield U-16 cricket tournament) चल रहा है. वैसे तो स्कूल स्तर पर होने वाले मुकाबले ज्यादा सुर्खिया नहीं बटोरते लेकिन इस मुकाबले ने क्रिकेट के सभी दिग्गजों का ध्यान अपनी ओर खींचा है. दरअसल, इस मुकाबले में चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल टीम को 754 रनों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा है. चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल टीम का कोई भी बल्लेबाज एक भी रन नहीं बना पाया और पूरी टीम सात रन के स्कोर पर आउट हो गई. इस मुकाबले में चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल टीम जो रन मिले वो विरोधी टीम की गलती से मिले.

हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में बुधवार को विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल और चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल के बीच मुकाबला खेला गया. इस मुकाबले में विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोर बोर्ड पर 39 ओवरों में 761 रन टंगा दिए. इसके बाद विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल ने गेंदबाजों ने विरोधी टीम के सभी बल्लेबाजों को शून्य के स्कोर पर पवेलियन की राह दिखाई.

 

विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के लिए इस मुकाबले में मीत मायरे ने 134 गेंदों में नाबाद 338 रनों की पारी खेली. अपनी बल्लेबाजी के दौरान मीत मायरे ने 56 चौके और 7 छक्के जड़ दिए. हालांकि चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल के गेंदबाज निर्धारित 3 घंटे के समय में 45 ओवर नहीं फेंक पाए थे जिसके कारण विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल को अतिरिक्त 156 रनों का फायदा भी हुआ.

761 रनों के पहाड़ जैसे स्कोर के जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल टीम का कोई भी बल्लेबाज बल्ले से एक भी रन नहीं बना पाया. चिल्ड्रन वेलफेयर स्कूल टीम के छह बल्लेबाज इस मुकाबले में बोल्ड हुए जबकि दो बल्लेबाज रन आउट हुए वहीं एक बल्लेबाज पगबाधा आउट हुआ और एक कैच आउट हुए. विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के गेंदबाज आलोक पाल ने इस मुकाबले में छह बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई.

 

माना जा रहा है कि हैरिस शील्ड के 126 साल के इतिहास में शायद यह दो टीमों के बीच हुआ सबसे बेमेल मुकाबला था. भारत के कई पूर्व और रणजी खिलाड़ी अपनी किशोरावस्था में इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले चुके हैं.

बता दें, टीम इंडिया के वनडे और टी20 टीम के उपकप्तान रोहित शर्मा भी इसी स्कूल से पढ़े है. रोहित अपने स्कूल के समय में काफी अच्छा क्रिकेट खेलते थे जिसके कारण उन्हें इस स्कूल में दाखिला मिला था क्योंकि रोहित के पिता काफी गरीब थे और वो इस स्कूल में उन्हें पढ़ाने में सक्षम नहीं थे.

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First published: 21 November 2019, 14:02 IST
 
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