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कोहली: मैं रोबोट नहीं हूं, काटोगे तो मेरे अंदर से भी खून निकलेगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 November 2017, 17:56 IST

टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने क्रिकेट से आराम को लेकर बुधवार को बड़ा बयान दिया. उन्होंने बृहस्पतिवार से श्रीलंका के खिलाफ कोलकाता में शुरू होने जा रहे पहले टेस्ट मैच से पहले इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी.

कोहली ने कहा कि वो रोबोट नहीं है उन्हें भी काटने पर खून निकलेगा. कोहली ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे गए सवाल के जवाब में ये बयान दिया.

टीम इंडिया के हरफनमौला युवा खिलाड़ी हार्दिक पांड्या को आराम दिए जाने को लेकर उठे विवाद पर कोहली ने सहजता से जवाब देते हुए कहा, "हार्दिक बहुत ज्यादा क्रिकेट खले रहे थे और उन पर बहुत ही ज्यादा भार पड़ रहा था. मुख्य खिलाड़ियों को अहम मौके पर फिट रखे जाने की जरूरत है और बेहतर है कि इसके लिए उन्हें आराम दिया जाए."

सूत्रों के अनुसार विराट कोहली ने चयनकर्ताओं से श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के बाद तीसरे टेस्ट मैच, वनडे और T20 सिरीज से आराम मांगा है. टीम इंडिया के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने हालांकि इस तरह की खबरों को खारिज किया है और कहा है कि कोहली ने अपने आप को तीनों टेस्ट मैचों के लिए उपलब्ध बताया है. चयनकर्ता इसके बाद विराट को आराम देने के बारे में सोच सकते हैं.

कोहली से जब हार्दिक पांड्या को आराम देने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी मैदान पर अतिरिक्त मेहनत करते हैं, उन्हें आराम की जरूरत होती है. कई बार यह बात सभी की समझ में नहीं आती. 

कोहली ने कहा, "यह ऐसी चीज है जो मुझे लगता है कि लोग सही तरीके से समझते नहीं हैं. काम के दबाव को लेकर कई तरह की चर्चाएं हैं, खासकर बाहर से कि खिलाड़ी को आराम दिया जाना चाहिए या नहीं. हर खिलाड़ी साल में 40 मैच खेलता है. तीन खिलाड़ियों को आराम मिलना चाहिए. उनका काम संभाला जा सकता है. 11 खिलाड़ी मैच खेलते हैं लेकिन हर कोई वनडे में 45 ओवर तक बल्लेबाजी नहीं करता. हर कोई टेस्ट में 40 ओवर गेंदबाजी नहीं करता है."

कप्तान ने कहा, "लेकिन, जो खिलाड़ी लगातार ऐसा कर रहे होते हैं उन्हें आराम की जरूरत है क्योंकि शरीर उबरने में समय लेता है. हर कोई यह देखता है कि ओह उसने भी तो औरों की तरह 40 मैच खेले हैं. वह उस खिलाड़ी द्वारा क्रीज पर बिताया गया समय नहीं देखते. विकेट के बीच कितने रन आप दौड़ते हैं, इस पर कोई ध्यान नहीं देता. कठिन परिस्थिति में कितने ओवर फेंकते हैं, किस हालात में आप खेलते हैं, किस तापमान में खेलते हैं, मुझे नहीं लगता कि लोग इन बातों की गहराई में जाते हैं. बाहर से बस यही लगता है कि वह आराम क्यों मांग रहा है."

उन्होंने आगे कहा, "लेकिन, हर किसी का मैच में एक सा काम नहीं होता. केवल उन पर जिन पर अतिरिक्त कार्यभार होता है, जैसे कि पुजारा सिर्फ टेस्ट खेलते हैं उनके पास इस प्रारूप में ज्यादा काम रहता है क्योंकि वह क्रीज पर ज्यादा समय बिताते हैं. उनका खेल इस तरह का है. आप उनका मुकाबला उससे नहीं कर सकते जिस पर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का दायित्व होता है क्योंकि उसका काम कम हो सकता है."

उन्होंने कहा, "तो, मेरा मानना है कि इन सभी चीजों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए. सिर्फ इसलिए कि हमने 20-25 खिलाड़ियों का पूल तैयार कर लिया है, हम यह नहीं कर सकते कि अहम समय में हमारे अहम खिलाड़ी चोटिल हों."

First published: 15 November 2017, 17:56 IST
 
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