Home » क्रिकेट » If IPL 2020 is cancelled BCCI and stakeholders set to lose over Rs 3800 crore no Insurance
 

कोरोना वायरस के कारण रद्द हुआ विंबलडन, अब आयोजकों को मिलेंगे 10 अरब रुपये, जानिए IPL के साथ क्या होगा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 April 2020, 22:32 IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण पूरी दुनिया में सभी तरह से खेल टूर्नामेंट रद्द किए जा चुके हैं या फिर स्थगित कर दिए गए हैं. इस वायरस के कारण ही ओलंपिक (Olympic Games) को भी अगले साल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. इस वायरस के कारण ही विंबलडन (Wimbledon) को भी स्थगित करने का फैसला लिया गया है.

दूसरे विश्व युद्ध के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब विंबलडन को स्थगित किया गया हो. वहीं आईपीएल (IPL 2020) को भी इस वायरस के कारण ही 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है. आईपीएल के स्थगित होने से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) जो दुनिया का अमीर क्रिकेट बोर्ड हैं उसे करोड़ो का नुकसान हो सकता है और अगर ऐसा हुआ तो यह किसी बड़े झटके से कम नहीं होगा.

आईपीएल क्या इस बार हो पाएगा या नहीं इस पर लगातार बोर्ड अध्यक्ष और फ्रेंचाइजी लगातार कोशिश कर रहे हैं कि कोई एक बीच का रास्ता निकल सके. लेकिन अगर इस साल आईपीएल नहीं हो पाया या फिर विदेशी खिलाड़ियों के बगैर आईपीएल करवाया गया तो बीसीसीआई को इसका नुकसान हो सकता है.

एक अनुमान के तौर पर अगर इस बार आईपीएल का आयोजन रद्द होता है तो बीसीसीआई को करीब 3-4 हजार करोड़ के बीच में नुकसान हो सकता है. जबकि दूसरी तरफ विंबलडन के आयोजन रद्द होने पर आयोजकों को करीब 141 अरब रूपये मिलेंगे. ऐसे में जो सवाल बनता है कि आखिर विंबलडन के आयोजन रद्द होने पर 141 अरब रूपये कैसे मिलेंगे तो इसका जवाब है इंश्योरेंस.

दरअसल, विंबलडन के आयोजक हर साल 2 मिलियन डॉलर इंश्योरेंस के लिए देते थे, जिसमें महामारी के लिए भी इंश्योरेंस शामिल था. दूसरी तरफ बीसीसीआई आईपीएल का किसी तरह का कोई इंश्योरेंस नहीं करवाती है. साल 2008 से आईपीएल का आयोजन हो रहा है और बीसीसीआई ने एक बार भी इसका इंश्योरेंस नहीं करवाया है.

बात अगर विंबलडन की करें तो आयोजक बीते 17 साल से लगातार टूर्नामेंट का इंश्योरेंस करवा रहे हैं. वहीं अब जब कोरोना वायरस महामारी के कारण इसका आयोजन रद्द हुआ है ऐसे में इंश्योरेंस कंपनी की तरफ से विंबलडन को $141 मिलियन डॉलर मिलेंगे जबकि उसने इन 17 सालों में महज 34 मिलियन डॉलर ही इंश्योरेंस कंपनी को दिए हैं.

 

First published: 10 April 2020, 15:13 IST
 
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