Home » क्रिकेट » 'If yo-yo test existed in our time, Tendulkar, Ganguly, Laxman would never have passed it': Virender Sehwag
 

वीरेंद्र सहवाग ने दिया बड़ा बयान, कहा- अगर हमारे समय होता यो-यो टेस्ट तो ये तीन दिग्गज कभी नहीं कर पाते पास

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 April 2021, 18:02 IST
Virender Sehwag on Yo-Yo Test (File Photo)

जब से विराट कोहली भारतीय टीम के कप्तान बने हैं तब से बीसीसीआई टीम इंडिया के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रहा है. विराट कोहली के कप्तान रहते ही टीम में जगह बनाने के लिए यो-यो टेस्ट पास करने से लेकर तय समय में 2 किलोमीटिर की दौड़ पूरी करने तक के टेस्ट को पास करना होता है. इसका असर भी देखने को मिला है और टीम इंडिया के खिलाड़ियों की मैदान पर फिटनेस देखने लायक होती है.

वहीं अब टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस यो-यो टेस्ट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अगर उनके समय में यो-यो टेस्ट होता तो सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ी टीम में जगह नहीं बना पाते. वहीं वीरेंद्र सहवाग ने इस दौरान यह भी कहा कि टीम के खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर इतनी सख्ती सही नहीं है. सहवाग का मानना है कि टीम में शामिल होने के लिए यो-यो टेस्ट पास करना अनिवार्य नहीं होना चाहिए.


वीरेंद्र सहवान से क्रिकबज पर एक फैन ने सवाल पूछा था कि अगर हार्दिक पांड्या बोलिंग करने के लिए अनफिट थे तो उनकी जगह टीम मैनेजमेंट ने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में वरूण चक्रवर्ती को मौका क्यों नहीं दिया. क्या फिटनेस नंबर एक मापदंड नहीं है.

वीरेंद्र सहवाग ने इस सवाल के जवाब में कहा,"मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं, यहां हम यो-यो टेस्ट के बारे में बात कर रहे हैं. हार्दिक पांड्या के साथ रनिंग का मुद्दे नहीं हैं, उनकी गेंदबाजी के कारण उनके पास वर्कलोड है. दूसरी तरफ अश्विन और वरुण चक्रवर्ती ने यो-यो टेस्ट पास नहीं किया है, वे यहां क्यों नहीं हैं लेकिन मैं इस सब से सहमत नहीं होता. अगर ये मापदंड पहले से मौजूद होते, तो सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और सौरव गांगुली कभी ये पास नहीं कर पाते. मैंने उन्हें कभी बीप टेस्ट पास करते नहीं देखा. वे हमेशा 12.5 अंक से कम रह जाते थे."

वीरेंद्र सहवाग ने आगे कहा,"स्किल महत्वपूर्ण है, आज अगर आप खेल रहे हैं, लेकिन आपके पास स्किल नहीं है, तो आप अंततः हार जाएंगे. उन्हें अपने स्किल के आधार पर चलाएं, धीरे-धीरे आप समय के साथ उनकी फिटनेस में सुधार कर सकते हैं लेकिन अगर यो-यो टेस्ट सीधे लागू किया जाता हैं, तो बात अलग हैं. यदि कोई खिलाड़ी 10 ओवर गेंदबाजी और फिल्डिंग कर सकता है, तो उसे पर्याप्त होना चाहिए, हमें अन्य चीजों के बारे में चिंतित नहीं होना चाहिए."

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान ने ऋषभ पंत को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- टीम इंडिया की कप्तानी के दावेदार भी होंगे

First published: 1 April 2021, 17:57 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी