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कोहली की कप्तानी से खुश नहीं गांगुली, कहा- टेस्ट सिरीज जीतनी है तो करना होगा ये काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 August 2018, 18:10 IST
(file photo )

इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए पहले टेस्ट मैच में भारत को मिली 31 रनों की हार से पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली खुश नहीं है. उन्होंने टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली को नसीहत देते हुए कहा है कि कोहली को अपने खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना होगा. हर बार टीम बदलने से खिलाड़ियों का मनोबल टूट जाता है. इसके साथ ही गांगुली ने भारतीय बल्लेबाजों को भी लताड़ लगाई है. बता दें कि इंग्लैंड ने पहले टेस्ट में भारत को 31 रनों से हरा दिया है. 

सौरव गांगुली ने शनिवार को भारत की हार के बाद अपने इंस्टाग्राम पर एक ब्लॉग लिखा है. इसमें गांगुली ने कहा है कि अगर आपको टेस्ट मैच जीतना है तो सभी बल्लेबाजों को रन बनाने होंगे. कोहली की तरह अन्य बल्लेबाजों को शतक लगाना होगा. विराट कोहली ने अगर शानदार खेल नहीं दिखाया होता तो भारतीय टीम दूसरे दिन ही मैच से बाहर हो जाती.


गांगुली ने आगे लिखा, ये सिरीज का पहला मैच था. मुझे उम्मीद है टीम इंडिया आगे वापसी करेगी. लेकिन इसके लिए उपकप्तान अंजिक्य रहाणे और मुरली विजय को अपना खेल दिखाना होगा, ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने पहले भी रन बनाए हैं.' हार के बाद आप किसी तरह का बहाना नहीं बना सकते हैं. सबको पता हैं कि इंग्लैंड में गेंद स्विंग करती है. ये कोई नयी बात नहीं है. ये कहना है कि हम स्विंग से हार गए. हमें 2011 और 2014 में यहां हार मिली थी. जीतने के लिए आपको रन बनाने ही होंगे. अगर आपने स्विंग लेते विकेट पर पहले भी रन बनाए हैं तो इस बार क्यों नहीं.

कोहली की कप्तानी से भी नाखुश हैं दादा

सौरव गांगुली टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली की कप्तानी से भी नाखुश हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में कोहली को टैग करते हुए लिखा, 'एक कप्तान को अपने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना चाहिए. ये उनकी टीम है और वो ही इस टीम को बदल सकते हैं.' इसके साथ ही उन्होंने कोहली के हर मैच में टीम बदलने के तरीके पर भी सवाल उठाए. गांगुली ने लिखा, 'उन्हें अपने बल्लेबाजों को मौका देना होगा और कहना होगा कि बिना किसी डर के अपना खेल दिखाओ.'

If you've to win a Test then everyone has to score runs. The other batsmen have to score 100's as well. #ViratKohli played very well otherwise India would have been out of the match on the 2nd day itself. This was the first Test in a 5 match series & I think this team has the capability to come back & play well. #AjinkyaRahane & #MuraliVijay will have to show some determination since they have scored runs in these conditions before. I don't think the captain is responsible for the loss. If you're the captain then you'll be criticised for a loss the same way as you're congratulated for a win. One criticism for @Virat.Kohli is that he should give a consistent run to his batters & more time before dropping them. The failure against swing in English conditions can't be used as an excuse any more as everyone knows that its what you get when you come to England. You can't be excused all the time & we have lost before in 2011 & 2014. You've to bat well. It's a very well known fact that the ball will swing in England the same way as Australia is known for its pacy wickets. So if previously you've scored runs there is no reason you can't now. The captain should give confidence to his players. It's his team & only he can change their mindset. He will have to sit with them & tell them that if he can do it so can they. He should give them time & tell them to go out & play without any fear. It is true that after continuous chopping & changing of the playing XI, players can get afraid that after all these years they've failed to garner the faith of the team management." The good thing about the great teams of the past - whether it be #Australia, #SouthAfrica or our very own team which won the Test series here in 2007 - was that the boys used to play both formats of the game - #SachinTendulkar, #RahulDravid, #VirenderSehwag, including myself. So even if you played badly in 1 or 2 matches you got a lot of time to get back into form at the international level. Playing & scoring 150 in first-class cricket can't compensate for international cricket. In this team no batsman except Virat plays all the formats. - SG

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पूर्व कप्तान ने आगे लिखा, 'लगातार बाहर करने और टीम बदलने से खिलाड़ियों के मन में डर बैठ जाता है कि इतना सब कुछ करने के बाद भी वो कप्तान और टीम मैनजमेंट का विश्वास नहीं जीत पाए.'

उन्होंने साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों का उदाहरण देते हुए कहा, 'महान टीम की ये खासियत रही है कि उन्होंने अपने खिलाड़ियों में भरोसा दिखाया और उन्हें दोनों फॉर्मेट में मौका दिया फिर चाहे वो साउथ अफ्रीका की टीम हो, ऑस्ट्रेलिया की टीम हो या हमारी वो टीम जिसने 2007 में इंग्लैंड में सीरीज जीती थी. उस टीम के बड़े खिलाड़ी सचिन,द्रविड़, सहवाग और मैं वनडे और टेस्ट दोनों खेलते थे. लेकिन अभी के समय में सिर्फ कोहली ही सभी फॉर्मेट में खेलते दिखते हैं.'

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First published: 5 August 2018, 18:08 IST
 
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