Home » क्रिकेट » India wins 1st world cup title to beat west Indies because of Mohinder Amarnath
 

कपिल देव, गावस्कर ने नहीं बल्कि इस खिलाड़ी के धमाकेदार प्रदर्शन ने जिताया था भारत को पहला वर्ल्ड कप

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 February 2019, 11:10 IST
Mohinder Amarnath

साल 1983 का वर्ल्ड कप टीम इंडिया के लिए वेस्ट इंडीज के खिलाफ शुरू हुआ और फाइनल में वेस्ट इंडीज से ही सामना हुआ. जिस तरह पहले मैच को भारत ने वेस्ट इंडीज से 34 से जीता उसी के साथ टीम इंडिया के खिलाड़ियों के हौसले बुलंद हो गए कि अब वह इस टूर्नामेंट में कुछ कर सकते हैं. क्योंकि जब टीम इंडिया इंग्लैंड गई तो किसी को टीम से कोई उम्मीद नहीं थी यहां तक कि खिलाड़ियों पर भी कोई अतिरिक्त दबाव नहीं था कि उसे वर्ल्ड कप जीतना है. औपचारिकता वश वर्ल्ड कप खेलने के लिए इंग्लैंड गई टीम इंडिया ने वो कर दिखाया जो किसी टीम ने सपने में भी नहीं सोचा होगा.

 

BCCI

इसी भारतीय टीम का एक शख़्स ऐसा भी था जो अपनी कामयाबी की गाथा स्वर्ण अक्षरों से लिखवाने वाला था. टीम इंडिया के लिए तो नहीं बल्कि दूनियाभर के क्रिकेटरों के लिए यह नाम एक खौफ की तरह बस गया. भारत के इस दिग्गज का नाम था मोहिंदर जिमी अमरनाथ. मोहिंदर अमरनाथ ने इस वर्ल्ड कप में न सिर्फ बल्लेबाज़ से बल्कि ज़रुरत पड़ने पर गेंद से भी कमाल दिखाने में पीछे नहीं रहे. जब-जब टीम को रनों की जरूरत पड़ी तब-तब मोहिंदर अमरनाथ आगे आए और सबसे कठिन पेस बैटरी के सामने जमकर रन कूटे. यहां तक कि मोहिंदर अमरनाथ ने गेंद से भी सामने वाले बल्लेबाजों को धूल चटाई.

 

Kapil Dev

मोहिंदर अमरनाथ का हरफ़नमौला प्रदर्शन विश्व कप 1983 के कई मैचों में काम आया और इसी के बूते भारत ने वेस्ट इंडीज पर ऐतिहासिक जीत हासिल कर कैरिबियाई टीम के वर्ल्डकप की हैट्रिक लगाने के सपने को चकनाचूर कर दिया. भारत ने इस मैच में वेस्ट इंडीज को 43 रनों से मात दी थी. साल 1983 वर्ल्ड कप के पहले मैच से ही मोहिंदर अमरनाथ ने अपनी छाप छोड़नी शुरू कर दी थी. वेस्ट इंंडीज जैसे सबसे धारदार गेंदबाजी वाली टीम के सामने उन्होंंने 21 रन बनाए और 60 गेंद अकेले अमरनाथ ने खेलीं, जो उस पारी में टीम इंडिया की तरफ से सबसे ज्यादा गेंद थीं.

 

World Cup

मोहिंदर अमरनाथ वर्ल्ड कप 1983 में ओवरऑल प्रदर्शन की बात करें तो उन्होंने 8 मैचों में 29.62 की औसत से 14 चौकों और एक छक्के के साथ कुल 237 रन बनाए. वहीं, अगर गेंदबाजी की बात करें तो मोहिंदर अमरनाथ ने कुछ ही मैचों (जरूरत पड़ने पर) में 8 विकेट चटकाए. इसी के दम पर अमरनाथ को मैन ऑफ द सिरीज चुना गया. सबसे खास बात ये रही कि टीम इंडिया इंग्लैंड से सेमी फाइनल और वेस्ट इंडीज से फाइनल भी मोहिंदर अमरनाथ के ऑलराउंड प्रदर्शन के बूते जीती. 22 जून 1983 को खेले गए वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में मोहिंदर अमरनाथ ने 2 विकेट चटकाने के अलावा 46 रन भी बनाए थे. इस मैच में मोहिंदर अमरनाथ मैन ऑफ द मैच रहे थे.

आकाश अंबानी की शादी का पहला कार्ड देने इस खास जगह पहुंचें नीता-मुकेश

 

मोहिंदर अमरनाथ ने इस पारी में 26 रन बनाए. वहीं, जब टीम इंडिया को क्रीज पर टिकने की जरूरत थी तो उन्होंने 80 गेंदों का सामना भी किया. इस दौरान उन्होंने 3 चौके भी जड़े. साथ ही जब टीम इंडिया 183 रनों को डिफेंड करते समय मुश्किल में आई तो फिर अमरनाथ लौटे. इस बीच उन्होंने बीच जेफ़ डुजां और मैल्कम मार्शल को आउट कर जीत तय हो गई थी. इसके बाद दो विकेट बचे थे, जिसमें से एक विकेट कप्तान कपिल देव ने चटकाया तो वहीं, माइकल होल्डिंग को एलबीडब्लू आउट कर मोहिन्दर अमरनाथ ने भारत को वर्ल्ड चैंपियन बना दिया. इसी के साथ मोहिन्दर अमरनाथ प्रूडेंशियल वर्ल्ड कप 1983 के फाइनल के मैन ऑफ़ द मैच बने.

First published: 13 February 2019, 11:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी