Home » क्रिकेट » IPL 2020: Dream 11 win IPL 2020 title rights at 222 Crore
 

IPL 2020: Dream 11 बनी आईपीएल की टाइटल स्पॉन्सर, 222 करोड़ में खरीदे राइट्स, चीनी कंपनी का है निवेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 August 2020, 16:29 IST

IPL 2020 के लिए फैंटसी स्पोर्ट्स लीग प्लैटफॉर्म 'ड्रीम11' को टाइटल स्पॉन्सरशिप का अधिकार दिया गया है. 'ड्रीम11' ने इस साल 19 सितंबर से 10 नवंबर के बीच होने वाले आईपीएल के प्रायोजक के लिए 222 करोड़ रूपय की बोली लगाई है.

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, IPL के चेयरमैन बृजेश पटेल ने बताया कि Dream 11 ने 222 करोड़ रुपये में IPL 2020 सीजन के लिए स्पॉन्सरशिप राइट्स खरीदे हैं. बता दें, चीनी मोबाइल फोन निर्माना कंपनी वीवो के आईपीएल के प्रायोजक से पीछे हटने के बाद से ही बोर्ड को लीग के नए प्रायोजक की तलाश थी.


'ड्रीम11' को आईपीएल 2020 की टाइटल स्पॉन्सरशिप 222 करोड़ में मिली है, जबकि इससे पहले वीवो ने साल 2018 से 2022 तक के लिए लीग के प्रायोजक के लिए 2190 करोड़ रुपये में अधिकार हासिल किए थे, उसके अनुसार बोर्ड को एक साल में 440 करोड़ रुपये मिलते, ऐसे में कहा जा रहा है कि 'ड्रीम11' को यह अधिकार 50 फीसदी डिस्काउंट के साथ मिले हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया का रिपोर्ट के अनुसार, मामले से जुड़े एक अधिकारी ने कहा,"बोर्ड दो और ऑफिशल पार्टनर- अनअकैडमी और क्रेड- को भी साथ जोड़ेगा इसका अर्थ है कि उसे और 80 करोड़ मिलेंगे." इस हिसाब से बीसीसीआई को 300 करोड़ रूपये मिलेगें, फिर भी उसे करीब 140 करोड़ का नुकसान होगा.

आईपीएल के प्रायोजक के अधिकार हासिल करने की दौड़ में बायजूज, रिलायंस जियो, टाटा संस और अनअकैडमी जैसी कंपनियां शामिल थी. बाबा रामदेव की पंतजली ने भी दिलचस्पी दिखाई थी. लेकिन ड्रीम 11 ने सभी को पछाड़ते हुए यह अधिकार हासिल किए. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बायजूज ने 201 और अनअकैडमी ने 170 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी. यह साफ नहीं हो पाई है कि टाटा संस ने बोली लगाई है या नहीं.

 

बता दें, लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिसंक झड़प के बाद देश में चीनी कंपनियों के खिलाफ जबरदस्त माहौल था और इसके बाद वीवो लीग से हट गया. ऐसे में बीसीसीआई पर काफी दवाब था. लेकिन बीसीसीआई ने जिस 'ड्रीम11' को प्रायोजक के अधिकार दिए हैं उसमें भी चीनी कंपनी का निवेश है, लेकिन यह काफी कम है. रिपोर्ट के अनुसार,  इस मामले में बीसीसीआई ने साफ किया है कि ड्रीम 11 एक भारतीय स्टार्ट अप है जिसमें चीनी निवेश ईकाई में है जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है.

कहा जा रहा है कि अगले साल होने वाले आईपीएल के लिए वीवो वापस लौट सकता है, अगर ऐसा हुआ तो Dream 11 को पीछे हटना पड़ेगा. खबर के अनुसार, अगर वीवो टाइटल स्पॉन्सर के तौर पर नहीं लौटेगा तो  Dream 11 के पास अगले दो साल के लिए भी अधिकार कायम रहेंगे.  Dream 11 ने जो बोली लगाई है वो पहले साल के लिए 222 करोड़ ही है जबकि अगले दो सालों के लिए 240 करोड़ की है.

सौरव गांगुली का बड़ा बयान, सुप्रीम कोर्ट के कहते ही छोड़ देंगे बीसीसीआई अध्यक्ष पद

First published: 18 August 2020, 16:24 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी