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जॉन्टी रोड्स नहीं थे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा, फिर भी मिला था 'मैन ऑफ द मैच'

विकाश गौड़ | Updated on: 27 July 2018, 15:52 IST
(ICC Tweet)

साउथ अफ्रीका के कई प्लेयर वर्ल्ड क्रिकेट में ऐसे चमके हैं कि उन्हें देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लोग पसंद करने लग गए. इस लिस्ट में सबसे पहले नाम आता है जॉन्टी रोड्स का जिन्होंने भले ही बल्ले या बॉल से कोई खास और बड़ा कारनामा न किया हो लेकिन फील्डिंग में उन्होंने कई कीर्तिमान रचे हैं क्रिकेट की डायरी में हमेशा दर्ज रहेंगे. 

जॉन्टी रोड्स की बात आज इसलिए क्योंकि वो आज अपना 49वां जन्मदिन मना रहे हैं. क्रिकेट की दुनिया कि वो ऐसे इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने प्लेइंग इलेवन में ना रहते हुए भी मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता है. दुनिया को कोई भी क्रिकेटर ऐसा नहीं कर पाया है जिसने सब्सटीट्यूट फील्डर रहते हुए मैन ऑफ द मैच हासिल किया हो.

दरअसल, जॉन्टी रोड्स ने एक स्कूल मैच में सात कैच पकड़े थे. इतना ही नहीं जॉन्टी रोड्स प्लेइंग इलेवन में भी शामिल नहीं थे. बावजूद इसके जॉन्टी रोड्स को इस अहम योगदान के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया था. क्रिकेट के इतिहास में पहला ऐसा मौका था जब किसी सब्सटीट्यूट फील्डर को मैन ऑफ द मैच का अवॉर्ड मिला हो.

ये कारनामा जॉन्टी रोड्स ने इंटरनेशनल क्रिकेट में भी किया था. हालांकि वह उस मैच में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे और उन्होंने उस मैच में 5 कैच पकड़े थे. अभी तक कि इतिहास में ये ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे कोई नहीं तोड़ पाया है. बता दें कि जॉन्टी रोड्स ने बतौर विकेटकीपर नहीं बल्कि बतौर फील्डर पांच कैच पकड़े थे.

इसके अलावा जॉन्टी रोड्स को नाम बेस्ट रन आउट ऑफ ऑल टाइम का खिताब भी उन्हीं के नाम है, जो उन्होंने साल 1992 के वर्ल्डकप के 22 वें मैच में पाकिस्तान के खिलाफ बनाया था. उस मैच में जॉन्टी रोड्स ने पाकिस्तान के इंजमाम-उल-हक को रन आउट किया था. ये रन आउट हमेशा याद रखा जाता है.

दरअसल, जॉन्टी रोड्स ने दौड़कर और फिर हवा में विकेट के ऊपर गिरकर इंजमाम को रन आउट किया था. इस मैच को जीतने के बाद जॉन्टी रोड्स ने कहा था, “हमें विकेट की सख्त जरूरत थी मैं अगर गेंद को विकेट पर थ्रो करता तो गेंद के विकेट पर लगने के चांस 50 फीसदी थे. लेकिन अगर मैं गेंद को दौड़कर विकेट पर मारता तो रन आउट के चांस 100 फीसदी थे. लिहाजा मैं 100 फीसदी के साथ गया. मुझे आखिरी के 10 मीटर तेज़ दौड़ना था लेकिन देरी के कारण मैंने छलांग लगाई और विकेट गिरा दिए.”

साउथ अफ्रीका के दिग्गज जॉन्टी रोड्स ने साल 1992 से साल 2003 तक साउथ अफ्रीका क्रिकेट को अपनी सेवाएं दी है. जॉन्टी रोड्स ने अपना आखिरी इंटरनेशनल वनडे मैच केन्या के खिलाफ साल 2003 में खेला था. इसके अलावा आखिरी वनडे साल 2000 में खेला था. जॉन्टी रोड्स ने पहले वनडे फिर टेस्ट डेब्यू किया था.

जॉन्टी रोड्स ने अपने वनडे करियर में 245 वनडे मैच खेले हैं. इनकी 220 पारियों में 5935 रन बनाए हैं. इस दौरान उनके नाम 2 शतक और 33 अर्धशतक दर्ज है. इसके अलावा 52 टेस्ट मैचों की 80 पारियों में जॉन्टी रोड्स ने 2532 रन बनाए हैं. टेस्ट में भी रोड्स के नाम 3 शतक और 17 अर्धशतक दर्ज हैं.

First published: 27 July 2018, 15:52 IST
 
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