Home » क्रिकेट » Kerala High Court has lifts the ban imposed by the Board of Control for Cricket in India (BCCI) on cricketer S Sreesanth.
 

स्पॉट फिक्सिंग मामले में क्रिकेटर श्रीसंत को मिली बड़ी राहत

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 August 2017, 15:31 IST

केरल उच्च न्यायालय ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी एस. श्रीसंत पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया है. श्रीसंत पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आजीवन प्रतिबंध लगाया था. श्रीसंत पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 2013 संस्करण में स्पॉट फिक्सिंग मामले का दोषी पाए जाने के कारण आजीवन प्रतिबंध लगा था.

 

कब क्या हुआ?

16 मई 2013 को श्रीसंत और राजस्थान रॉयल्स के उनके दो अन्य साथी खिलाड़ी (अजित चंदीला और अंकित चव्हाण) गिरफ्तार हुए थे. आईपीएल-6 में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप दिल्ली पुलिस ने इन तीनों को मुंबई में गिरफ्तार किया था.

10 जून 2013 को श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण को जमानत मिल गई. दिल्ली पुलिस के पूर्व कमिश्नर नीरज कुमार ने दावा किया था कि ये खिलाड़ी न सिर्फ सट्टेबाजी, बल्कि स्पॉट फिक्सिंग में भी लिप्त थे.

इसके बाद 25 जुलाई 2015 को आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग केस में दिल्ली पुलिस को झटका देते हुए पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया. कोर्ट ने श्रीसंत, अजित चंदीला और अंकित चव्हाण पर लगे पुलिस के सभी आरोपों को खारिज कर दिया. 

18 अप्रैल 2017 को बीसीसीआई ने एस श्रीसंत पर आजीवन प्रतिबंध की समीक्षा की. उसने इस तेज गेंदबाज की अपील को खारिज कर दिया. श्रीसंत को पत्र लिखकर अपने फैसले की सूचना दे दी गई.

श्रीशंत ने किया विरोध

इससे नाराज श्रीसंत ने कहा था, ‘जब मेरे आजावीन प्रतिबंध के बारे में कोई आधिकारिक लेटर नहीं है, तो क्यों अंपायर मुझे खेलने से रोकेंगे? जब मैं तिहाड़ जेल में था, तो मुझे सिर्फ एक सस्पेंशन लेटर मिला था. सस्पेंशन लेटर सिर्फ 90 दिनों के लिए वैध होता है. आज तक कोई (बैन को लेकर) आधिकारिक संवाद नहीं हुआ है. मैं बेवकूफ था जो इतने दिनों तक क्रिकेट नहीं खेला. मेरे साथ आंतकवादी से भी ज्यादा खराब व्यवहार किया गया.

First published: 7 August 2017, 15:31 IST
 
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