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कौन है बल्लेबाजों के खेल में छा जाने वाला गेंदबाज वाशिंगटन सुंदर! बना मैन ऑफ द सिरीज

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 March 2018, 9:32 IST

कल भारत ने कोलंबो में बांग्लादेश को चार विकेट से हराकर टी-20 मैचों की निदहास ट्रॉफी जीत ली. लेकिन ये जीत इतनी जबरदस्त थी कि टीम इंडिया के जीतने के बाद किसी को इस पर भरोसा नहीं हुआ. इस जीत के हीरो रहे दिनेश कार्तिक, जिन्होंने आख़िरी गेंद पर छक्का जड़कर भारत को जीत दिलाई. इस जीत के लिए दिनेश कार्तिक को मैन ऑफ द मैच चुना गया वहीं दूसरी तरफ इस सीरीज से पहले एक गुमनाम बॉलर वाशिंगटन सुंदर को मैन ऑफ द सीरीज दिया गया.

T20 को बल्लेबाजों का खेल कहा जाता है. लेकिन इस खेल में एक उभरते युवा स्पिनर वाशिंगटन सुंदर ने जो कर दिखाया है, वो वाकई दुनिया जीतने जैसा है. टूर्नामेंट में उनका इकॉनोमी रेट 5.80 का रहा और सबसे अहम बात ये है कि उनके 20 ओवरों में से अधिकांश पावरप्ले में फेंके गए हैं. क्रिकेट के जिस फॉर्मेट में बल्लेबाजों के विस्फोटक तेवर के आगे अच्छे अच्छे गेंदबाजों के पसीने छूटने लगते हैं, उसी फॉर्मट में खेली गई निदाहस ट्रॉफी में 18 साल के सुंदर चैम्पियन बनी टीम इंडिया के सिकंदर बनकर उभरे.

 

भारतीय क्रिकेट टीम में वाशिंगटन सुंदर का सफर अभी तीन महीने पहले ही शुरू हुआ है. 13 दिसंबर 2017 को भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने सुंदर को टीम इंडिया की कैप दी थी. 5 अक्टूबर 1999 को चेन्नई में जन्में सुंदर की उम्र तब 18 साल 69 दिन थी और उन्होंने तमिलनाडु के लिए सिर्फ़ 12 प्रथम श्रेणी मुक़ाबले ही खेले थे. सुंदर ने निदहास ट्रॉफ़ी में आठ विकेट चटकाए और ऐसा प्रदर्शन करने वाले वो भारत के सबसे युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर हैं.

इसके साथ ही सुंदर टीम इंडिया में सबसे कम उम्र में शामिल होने वाले खिलाड़ियों में सातवें नंबर पर पहुंच गए थे. इस सूची में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर पहले नंबर पर हैं. तेंदुलकर ने टीम इंडिया के लिए पहला मैच 16 साल 238 दिन की उम्र में खेला था. वह सुंदर के लिए कभी न भूलने वाले पल थे.

 

मैन ऑफ द सीरीज का पुरस्कार लेने के बाद सुंदर ने कहा, "मेरे लिए इतनी कम उम्र में ये हासिल करना बहुत अहमियत रखता है. मैं इसके लिए अपने परिवार को शुक्रिया कहना चाहता हूँ." दरअसल, सुंदर को इस सीरीज में चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की जगह टीम में शामिल कर लिया गया. बाएं हाथ से बल्लेबाज़ी करने वाले सुंदर वाशिंगटन दाएं हाथ से ऑफ़ब्रेक गेंदबाज़ी करते हैं.

मैन ऑफ द सीरीज सुंदर कहते हैं, "मैं हमेशा बल्लेबाज़ों के दिमाग को पढ़ने की कोशिश करता हूं और मेरी लगातार यही कोशिश रहती है. मैं चाहता था कि जब हम जीतें तो मैं मैदान पर रहूं और मैं समझता हूं कि दिनेश भाई ने शानदार खेल दिखाया और मैच की बाज़ी पलटते हुए इसे यादगार बना दिया."

सुंदर की सबसे खास बात है कि वो पावर प्ले में चतुराई से गेंदें फेंकते हैं और निदहास ट्रॉफ़ी में उनकी सबसे बड़ी ताकत आक्रामक बल्लेबाज़ों के सामने भी अपने मनोबल को बनाए रखने में दिखाई दी. वो अपनी गेंदें ऑफ स्टंप के कुछ बाहर रखकर बल्लेबाज़ों को ललचाते हैं.

 

बल्लेबाजों के खेल में सुंदर अपना लोहा कैसे मनवाते हैं उसका अंदाजा आप ट्राएंगुलर T20 सीरीज में उनके इस प्रदर्शन को देखकर लगा सकते हैं. निदाहस ट्रॉफी में सुंदर ने पावर प्ले में कुल 13 ओवर किए यानी 78 गेंदे फेंकी और सिर्फ 77 रन देकर 6 विकेट चटकाए. इस दौरान उनका इकॉनोमी रेट 6 से भी कम का यानी कि 5.96 का रहा. दूसरे लहजे में कहें तो टूर्नामेंट में झटके 8 विकेटों में से सुंदर ने 6 विकेट पावर प्ले में लिए हैं.

फाइनल में सुंदर ने 4 ओवर में 20 रन देकर 1 विकेट हासिल किया. ये उनके करियर का लगातार छठा T20 इंटरनेशनल मुकाबला है जिसमें उन्होंने 4 ओवरों में 30 से कम रन दिए. इससे पहले खेले 5 मुकाबलों में उन्होंने 22, 22, 28, 23 और 21 रन दिए थे. ये आंकड़े बताते हैं कि सुंदर ना सिर्फ बल्लेबाजों के खेल के दिलेर गेंदबाज हैं बल्कि कंजूस भी उतने ही हैं.

T20 के सिकंदर
T20 क्रिकेट में वाशिंगटन ने अब तक 26 मैचों में 29 विकेट चटकाए हैं. इन 29 विकेटों में सुंदर ने 9 बार दाएं हाथ के बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया है जबकि 20 बार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा है. अब तक 6 अंतर्राष्ट्रीय T20 मुकाबले खेल चुके सुंदर ने टोटल 9 विकेट चटकाए हैं. इन 9 विकेटों में से 8 उन्होंने निदाहस ट्रॉफी सीरीज में ही लिए हैं. श्रीलंकाई सरजमीं पर खेली गई सीरीज सुंदर के करियर के लिए एक माइलस्टोन साबित हुई है.

First published: 19 March 2018, 8:55 IST
 
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