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कुमार संगाकारा ने सुनाया वो खौफनाक मंजर, जब आंतकियों ने श्रीलंका टीम पर बरसाई थी गोलियां

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 June 2020, 21:54 IST

साल 2009 में श्रीलंका क्रिकेट टीम (Sri Lanka Cricket Team) पाकिस्तान (Pakistan) के दौरे पर गई थी जहां दोनों टीमों के बीच टेस्ट सीरीज होनी थी. इस सीरीज का पहला मुकाबला ड्रा हुआ था जबकि दूसरे मुकाबले में श्रीलंका टीम ने अपनी मजबूत पकड़ हासिल कर ली थी. श्रीलंका पहली पारी में बोर्ड पर 606 रन टांगने में सफल हुआ था इसके जवाब में पाकिस्तान (Pakistan Cricket Team) ने दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट के नुकसान पर 110 रन बनाने में सफल हुई थी. इस सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच लाहौर (Lahore) में खेला जा रहा था.तीसरे दिन के खेल के लिए टीम होटल से निकल कर लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम जा रही थी तब टीम की बस पर 12 आंतकियों ने हमला बोल दिया. वहीं अब कुमार संगाकारा (Kumar Sangakkara) ने इस हमले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और बताया है कि उस दौरान बस में टीम के खिलाड़ी कितने भय में थे.

कुमार संगाकारा ने स्काई स्पोर्ट्स को दिए इंटरव्यू में इस पूरे घटना को याद किया है. उन्होंने कहा,"हम बस में सामान्य हंसी मजाक कर रहे थे, लोग इस बारे में बात कर रहे थे कि आप आज शाम को क्या करने जा रहे हैं. हमारे एक तेज गेंदबाज ने कहा कि यहां विकेट बहुत सपाट हैं, मुझे स्ट्रेस फ्रैक्चर या कुछ और होने वाला है. मुझे उम्मीद है कि बम बंद हो इसलिए, जाएगा हम घर जा सकते हैं. 20 सेकंड बाद और, ऐसा होता है."

कुमार संगाकारा ने आगे कहा,"उस समय हमारी टीम का मालिश करने वाला सामने था, हमने गोलियों की आवाज़ सुनी, हमने सोचा कि वे पटाखे थे. वह उठ और उसने कहां 'नीचे बैठ जाओ, वे बस की गोलियां बसरा रहे हैं. दिलशान भी सामने था, मैं बीच में था, महेला ठीक पीछे था, मुरली ठीक मेरे बगल में बैठा था ताकि वह थिलन समरवीरा को परेशान कर सके. मुझे याद है कि सलामी बल्लेबाज थरंगा परनवितान सामने थे."

कुमार संगाकारा ने उस घटना को याद करते हुए कहा,"कहर टूट पड़ा, हम बस के गलियारे में छिप गए, एक दूसरे के ऊपर और फिर गोलिंया चलनी शुरू हो गई. वो जितनी गोलिंया बस पर बरसा सकते थे उन्होंने बरसाई, उन्होंने ग्रेनेड फेंके, और एक रॉकेट लॉन्चर से फायर किया. मुझे नहीं पता, हम उस दिन कैसे बच पाए."

श्रीलंका टीम के कई खिलाड़ी इस हमले में घायल हुए थे. कुमार संगाकारा ने कहा,"थिलन घायल हो गया, मैं कंधे पर छर्रे के कारण चोट लगी थी. अजंता मेंडिस घायल हो गए. थरंगा परनवितान के सीने से खून बह रहा है और यह कहते हुए गिर गए कि उन्हें गोली लगी है. हम बस के चारों ओर से 'ऊह और आह' की आवाज सुन रहे थे." इस हमले के दौरान बस ड्राइवर भी घायल हुआ था लेकिन वो खिलाड़ियों से भरी बस को वहां से निकालने में सफल हुआ था.

कुमार संगाकारा ने कहा,"उन्होंने बस चालक को गोली मारने की कोशिश की, लेकिन वो कुछ इंचो से बच गया. वह हीरो था, हम शायद इसलिए बच गए क्योंकि वह हमें वहां से निकाल कर लाने में सफल हुआ. हर दिन वो उस छोटे गेट से चार बार में बस निकाल पाता था लेकिन उसने उसे दिए एक बार में ही ऐसा कर लिया. हम उतर गए. एक बाक हमने सोचा कि थरंगा परनवितान कि मृत्यु हो गई है."

कुमार संगाकारा ने कहा कि इसके बाद आंतकियों ने एम्बुलेंस पर भी गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी जिसके कारण उन्होंने वहीं रहने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा,"थिलन को हर जगह खून बह रहा है, उसे बहुत बुरी तरह से गोली मार दी गई. उसे एम्बुलेंस द्वारा अस्पताल ले जाया जाया गया. अजंता मेंडिस और मैं अगली एम्बुलेंस में जाने वाले थे, लेकिन तब वे एम्बुलेंस पर गोलिंया बरसाने लगे, इसलिए हमने तय किया कि हम यहीं रुकेंगे."

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First published: 4 June 2020, 20:51 IST
 
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