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बर्थडे स्पेशल: बेटे ने सेंचुरी ठोक कर डैडी 'द वॉल' को दिया शानदार गिफ्ट

विकाश गौड़ | Updated on: 11 January 2018, 11:27 IST

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ आज 45 साल के हो गए. अपनी बल्लेबाजी के दम पर पिच पर 'दीवार' बने रहने वाले राहुल द्रविड़ 'मिस्टर भरोसेमंद' के नाम से मशहूर रहे हैं. फिलहाल वह भारत की अंडर-19 टीम के साथ न्यूजीलैंड में हैं.  यहां 13 जनवरी से शुरू होने जा रहे अंडर-19 वर्ल्ड कप में वह भारत की इस युवा टीम को चैंपियन बनाने में जुटे हुए हैं.

द्रविड़ का जन्म साल 1973 में 11 जनवरी को इंदौर में हुआ था. उनके जन्मदिन पर इस बार खास बात ये रही कि उनके बेटे समित ने एक दिन पहले ही स्कूली क्रिकेट में 150 रन बनाकर अपने पिता को जन्मदिन का शानदार तोहफा दिया है. ऐसे में कहा जा सकता है कि भारत को क्रिकेट की एक और 'दीवार' राहुल के बेटे के रूप में मिल सकती है.

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने अपने सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज और कप्तान को खास अंदाज में विश किया है. इस बाबत BCCI ने अपने ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा है, 'कमिटमेंट कंसिस्टेंसी,क्लास को जन्मदिन मुबारक.'

कहा जाता है कि राहुल द्रविड़ को भारतीय टीम की हार कतई पसंद नहीं थी. यही वजह थी की साल 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े में खेले गए टेस्ट मैच में हार मिलने के बाद कप्तान राहुल द्रविड़ को बहुत गुस्सा आया था और उन्होंने ड्रेसिंग रूम में कुर्सी उठाकर फेंक दी थी. दरअसल, यही वो टेस्ट मैच था जिसके जीतने के बाद इंग्लैंड की टीम ने तीन टेस्ट मैचों की सिरीज को 1-1 से बराबर कर दिया था, क्योंकि इस सिरीज का एक मुकाबला पहले ही ड्रॉ हो चुका था.

हालांकि राहुल द्रविड़ मैदान पर बहुत कम गुस्से में नजर आते थे, लेकिन एक बार वह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों पर भड़क उठे थे. आज तक की रिपोर्ट में  कहा गया है कि साल 2004 में भारतीय टीम पाकिस्तान के दौरे पर थी. इस दौरान एक पत्रकार ने उनसे मैच फिक्सिंग से जुड़ा सवाल पूछा तो उन्हें बहुत गुस्सा आया था. इस पर राहुल द्रविड़ ने कहा था, 'इस शख्स (रिपोर्टर) को कोई बाहर निकालो. ये बकवास है. इस तरह की बातें खेल के लिए खराब हैं.'

बता दें कि साल 1996 में लॉर्ड्स में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ ने डेब्यू किया था, जिसमें सौरव ने शतक जमाया था. वहीं, राहुल द्रविड़ ने 95 रन की शानदार पारी खेली थी. किसी भी टीम के लिए ये पहला ऐसा वाकया था, जब दो डेब्यूडेंट खिलाड़ियों ने एक साथ दो शानदार पारियां खेली थीं.

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में महज दो ही ऐसे बल्लेबाज हैं, जिन्होंने टेस्ट और वनडे दोनों में 10-10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के अलावा मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ ने टेस्ट में 36 शतक और 63 अर्धशतकों के साथ 13,288 रन बनाए हैं. जबकि वनडे क्रिकेट में द्रविड़ ने 12 शतक और 83 अर्धशतकों के साथ 10,889 रन बनाए हैं.

फील्डर के तौर पर सबसे ज्यादा कैच लेने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी राहुल द्रविड़ के नाम दर्ज है. राहुल ने 301 पारियों में 210 कैच लपके हैं. साथ ही बतौर कप्तान द्रविड़ ऩे भारत को साउथ अफ्रीका की धरती पर पहली टेस्ट जीत दिलाई थी. साल 2006 में जोहनिसबर्ग टेस्ट में भारत ने मेजबान टीम साउथ अफ्रीका को 123 रनों से मात दी था. इसके अलावा भारत ने राहुल द्रविड़ की कप्तानी में इंग्लैंड में पहली बार 21 साल के बाद टेस्ट सीरीज अपने नाम की थी.

First published: 11 January 2018, 11:27 IST
 
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