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HCA अध्यक्ष पद से नामांकन ख़ारिज होने पर अज़हरुद्दीन की हाई कोर्ट में अपील

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 January 2017, 16:24 IST
(फाइल फोटो)

पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अज़हरुद्दीन ने हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के अध्यक्ष पद से नामांकन रद्द होने पर अदालत का रुख किया है. अज़हर का पर्चा एचसीए ने खारिज कर दिया गया था. 

अजहरुद्दीन ने हैदराबाद हाई कोर्ट में इस मामले में अपील दाखिल की है. हैदराबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष पद के लिए अजहर के नामांकन को शनिवार को रद्द कर दिया गया था. एचसीए का तर्क है कि अजहर पर लगे मैच फिक्सिंग के आरोपों पर उसने बीसीसीआई से जवाब मांगा था, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. 

इस वजह से रद्द हुआ था नामांकन

हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन ने दो वजह से अज़हर का नामांकन रद्द किया है. पहला तर्क यह दिया गया कि अजहर ये नहीं बता सके कि बीसीसीआई की तरफ से अभी तक उन पर आधिकारिक रूप से प्रतिबंध हटाया गया है या नहीं. दूसरा इस बात के भी पुख्ता सबूत नहीं हैं कि वह नामांकित वोटर हैं या नहीं.

एचसीए चुनाव के निर्वाचन अधिकारी के. राजीव रेड्डी ने कहा कि मैच फिक्सिंग मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के कारण अजहर इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हो सकते. हालांकि अजहर को हाईकोर्ट से मैच फिक्सिंग मामले में पांच साल पहले ही राहत मिल चुकी है. लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एचसीए अध्यक्ष अरशद अयूब ने पद छोड़ दिया था.

2000 में मैच फिक्सिंग में फंसे

भारत के लिए सबसे लंबे समय तक कप्तानी करने वालों में से एक अजहरुद्दीन ने लगातार 1992, 1996 और 1999 के तीन विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया था. 2000 में हुए मैच फिक्सिंग के खुलासे में उनकी कथित भागीदारी के बाद बीसीसीआई ने अजहर पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया था.

अजहर ने इस प्रतिबंध को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. 2012 में अजहर के खिलाफ अजीवन प्रतिबंध के फैसले को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था, हालांकि बीसीसीआई ने औपचारिक तौर पर अजहर पर से प्रतिबंध नहीं हटाया था.

अजहरुद्दीन ने 99 टेस्ट मैचों 24 शतक के साथ छह हजार से ज्यादा रन बनाए हैं. वह मुरादाबाद से कांग्रेस सांसद भी रह चुके हैं. 2014 में वह राजस्थान के टोंक-सवाईमाधोपुर से चुनाव हार गए थे. कुछ समय पहले उन्होंने बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया में जाने पर भी रुचि दिखाई थी, पर बाद में इससे पीछे हट गए थे.

First published: 17 January 2017, 16:24 IST
 
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