Home » क्रिकेट » Ms Dhoni birthday Special: Ms Dhoni turns 37 most successful captain of Indian team
 

माही स्पेशलः धोनी को देखते ही याद आता है 'बाहुबली', जिसे दुनिया में कोई नहीं हरा सकता

विकाश गौड़ | Updated on: 7 July 2018, 10:13 IST

महेंद्र सिंह धोनी भारतीय क्रिकेट के लिए ये नाम ही काफी है. इनके पीछे उपलब्धियों की इतनी लंबी लिस्ट है कि दो-चार रजिस्टर भर जाएं फिर भी कुछ न कुछ छूट जाए. बतौर कैप्टन धोनी जब भी मैदान पर उतरते तो वो एक समय दो मैच खेलते थे. एक मैच तो वो मैदान पर खेल रहे होते थे और दूसरा उनके दिमाग में चल रहा होता था.

एमएस धोनी के इंटरनेशनल और घरेलू स्तर पर कुछ फैसले तो ऐसे रहे जो अटूट बन गए. धोनी ने कई बार अनहोनी को होनी कर दिखाया था. मैच फिनिशर से लेकर 12th मैन हर जगह धोनी अपने आप को फिट कर लेते हैं. धोनी को किसी भी बात सेे परहेज नहीं होता कि लोग क्या कहेंगे. उनका हर कदम एक मील पत्थर होता है.

आज हम 'दा' धोनी की बात इसलिए कर रहे हैं क्योंकि इस सात नंबर की जर्सी पहने वाले क्रिकेटर का आज जन्मदिन है. दरअसल, धोनी आज 37वां बर्थडे मना रहे हैं. रांची में पले बढ़े धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को एक लोअर मिडिल फैमिली में हुआ था. बचपन से खेल का शौक रखने वाले धोनी ने भारतीय क्रिकेट पर राज किया.

हालांकि, एमएस धोनी ने जितना भारतीय क्रिकेट को दिया है उतना शायद किसी कप्तान ने नहीं दिया होगा. यहां तक कि आगे भी कोई कप्तान शायद धोनी नहीं बन पाएगा. इसके पीछे एक दो नहीं बल्कि दर्जनों कारण हैं. एमएस धोनी जितने दिमाग से तेज हैं उतने ही वह अपने आप को फिट भी रखते हैं. इसकी बानगी हम कई बार देख चुके हैं.

 

अगर एमएस धोनी की उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने जिस चीज को हाथ लगाया वो सोना बन गई. जी हां, साल 2007 में जब धोनी ने बतौर कप्तान पहला T20 वर्ल्ड कप खेला तो उसमें भारत को जीत मिली. इसके बाद उनको लगभग हर फॉर्मेट की कप्तानी मिल गई. धोनी ने टीम को उन बुलंदियों तक पहुंचाया, जिसकी हकदार भारतीय टीम थी.

धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया ने विदेशों में जीतना सीखा तो वहीं साल 2011 में धोनी ने क्रिकेट के भगवान यानी सचिन तेंदुलकर के उस सपने को साकार कराया जो वो पिछले 20 साल से देखते आ रहे थे. जी हां, धोनी ने टीम इंडिया को वर्ल्ड कप जिताया. इतना ही इस मुकाबले में धोनी का नंबर 5 आना भी अपने आप में ऐतिहासिक था.

 

इसके बाद साल 2013 में धोनी ने टीम इंडिया को चैंपियंस का चैंपियन बनाया. ICC के दूसरे सबसे बड़े टूर्नामेंट चैंपियंस ट्रॉफी 2013 में इंग्लैंड को हराकर भारत ने इस खिताब पर कब्जा जमाया था. इतना ही साल 2015 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया धोनी की कप्तानी में सेमीफाइनल तक पहुंची थी. हालांकि, सेमीफाइनलम में इंडिया ऑस्ट्रेलिया से हार गई.

ये भी पढ़ेंः T20 में इंडिया, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा रहा है अफगानिस्तान, ये रहा सबूत

वहीं, अगर और कई ट्रॉफियों की बात करें तो धोनी ने अपनी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स को तीन बार आईपीएल का खिताब दिलाया है तो वहीं, दो बार सीएसके धोनी की कप्तानी में चैंपियंस लीग T20 जीती है. इसके अलाव तीन बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी भी धोनी के नाम हैं. धोनी अकेले ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने लिमटेड फॉर्मेट में ICC की तीन ट्रॉफियां जीती हैं.

 

इतना ही नहीं धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनी. साथ ही 40 साल के इतिहास में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया का व्हाइट वॉश किया. इसके अलावा इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा(178) स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड भी एमएस धोनी के नाम है. बता दें कि अपने 37वें बर्थडे पर उन्होंने 500वां इंटरनेशनल मैच भी खेला है.

ये भी पढ़ेंः रणबीर कपूर की वो फिल्में जिन्होंने बॉलीवुड के बॉक्स ऑफिस में बनाए नए रिकॉर्ड

एमएस धोनी के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने 500 इंटरनेशनल मैचों में 16,330 रन बनाए हैं, जबकि 780 बार उन्होंने विकेट के पीछे खिलाड़ियों का शिकार किया है. 90 टेस्ट मैचों में धोनी ने 4876 रन बनाए जिसमें उनका 224 बेस्ट स्कोर है. इसमें 6 शतक एक 1 दोहरा शतक और 33 अर्धशतक शामिल हैं.

ये भी पढ़ेंः बर्थडे स्पेशलः रणवीर ने बताया किस एक्ट्रेस से करेंगे शादी, किसकी लेंगे जान और किसे करेंगे हुक अप

इसके अलावा वनडे क्रिकेट में धोनी ने 318 मुकाबलों में 9967 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 183 रन है. इसमें धोनी के 10 शतक और 67 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, T20 इंटरनेशनल की बात करें तो धोनी ने 92 मुकाबले खेले हैं, जिनमें उन्होंने 1487 रन बनाए हैं. इसमें धोनी का 56 रन बेस्ट स्कोर हैं और T20 में दो फिफ्टी शामिल हैं.

First published: 7 July 2018, 10:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी