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धोनी अपने इस अवतार में लौट आएं तो वर्ल्ड कप जीत जाएगी टीम इंडिया

हेमराज सिंह चौहान | Updated on: 19 July 2018, 13:17 IST

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सिरीज में धीमी बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे है. हालांकि उन्हें इस मामले में टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री का पूरा साथ मिला है. धोनी के साथ-साथ उनके फैंस के लिए ये बड़ी राहत की बात है, लेकिन धोनी को आलोचकों को जवाब देने के लिए खुद को बदलना होगा.

धोनी ने जब इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा था तो उनकी तूफानी बल्लेबाजी ने विपक्षी टीमों की हालत खराब कर दी थी. भारत को पहली बार विकेटकीपर बल्लेबाज की जगह बल्लेबाज विकेटकीपर मिला था जो गिलक्रिस्ट, बाउचर और संगकारा की तरह लंबे शॉट लगा सकता था. उस समय साल 2005 में पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने अपने पांचवें अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में 148 रन की तूफानी पारी खेली थी. इस पारी में 15 चौकों और 4 गगनचुंबी छक्के लगाए थे.  

इसके बाद 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर में श्रीलंका के खिलाफ धोनी ने अपने करियर की सबसे बड़ी पारी खेली. इस पारी में उन्होंने नाबाद 183 रन बनाए थे. 145 गेंदों में खेली गई अपनी इस पारी में धोनी ने 6 छक्के लगाए थे. लेकिन इसके बाद धोनी ने टीम की ज़रुरत के हिसाब से खुद को ढ़ाला. धोनी ने अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करते हुए टीम की ज़रूरत के हिसाब से खेलना शुरू किया और दुनिया के शानदार फिनिशर बन गए. 

तब वो शुरुआत में भले ही ज्यादा गेंदे खेलते थे पर बाद में बड़े हिट लगाते थे. लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी दो वनडे मैचों में वो ऐसा नहीं कर पाए. ये हालात तब हैं जब उन्होंने आईपीएल के 11वें संस्करण में शानदार हिटिंग की है. इस सीजन में धोनी ने 150 से ज्यादा की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं. इस सीजन में उन्होंने अपने आईपीएल करियर के 30 छक्के भी ठोके. इस सीजन में 150.6 के स्ट्राइक रेट से धोनी ने रन बनाए.

वहीं धोनी के इंटरनेशल करियर को पिछले एक साल में आंके में तो धोनी की धार कुंद होती दिख रही है. उनकी विकेटकीपिंग में तो वो धार है पर आंकड़े बताते हैं कि उनके बल्ले में जंग लग गया है. धोनी ने साल 2018 में 9 मैच खेले हैं. इसमें उन्होंने  मात्र 148 रन बनाए हैं. इन मैचों में उनका स्ट्राइक रेट 70 के करीब है और बैटिंग का औसत 37 रनों का है. जो बताता है कि ये उनके करियर का सबसे खराब दौर है. 

धोनी का वनडे में औसत औसत 51.2 और स्ट्राइक रेट 88.13 है. जबकि इस साल के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि वो वैसे मैच फिनिश नहीं कर पा रहे हैं जिसके लिए जाने जाते हैं. धोनी ने पिछले एक साल में मैन ऑफ द मैच का खिताब हासिल नहीं किया है. उन्हें 30 जून 2017 को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच में मैन ऑफ द मैच का खिताब मिला था. 

धोनी में वो दमखम है कि वो एक बार फिर से आत्मविश्वास हासिल करके अपनी फॉर्म हासिल कर सकते हैं और मैदान में उनके फैंस को धोनी का पुराना अवतार दिख सकता है. धोनी को चूका मानने वालों को भी वो इससे जवाब दे पाएंगे.

First published: 19 July 2018, 13:17 IST
 
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