Home » क्रिकेट » Nick Compton says Duncan Fletcher deserves credit for shaping up the Indian pacers
 

टीम इंडिया के तेज गेंदबाजों की सफलता के पीछे है ये शख्स

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 August 2018, 15:41 IST

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के गेंदबाजों ने ट्रेंटब्रिज में खेले गए टेस्ट मैच में 20 में से 19 विकेट लिए और इस मैच को भारतीय टीम ने 203 रन से हराया. टीम की गेंदबाजों की बॉलिंग को देखते हुए इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक काम्पटन ने उनकी गेंदबाजी के राज बताए हैं.

की सफलता पर इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक काम्पटन ने राज खोला है. निक का कहना है कि डंकन फ्लैचर ने कई दिग्गजों के संन्यास लेने के बाद भारतीय क्रिकेट के मुश्किल बदलाव के दौर को संभाला है और वर्तमान टीम के तेज गेंदबाजी आक्रमण को दिशा देने का श्रेय उन्हें मिलना चाहिए. भारतीय तेज गेंदबाजों ने ट्रेंटब्रिज में . भारत ने इस मैच में इंग्लैंड को 203 रन से हराया.


crictracker

काम्पटन ने कहा, ‘‘भारतीय तेज आक्रमण अचानक ही इस स्तर पर नहीं पहुंचा. इसमें समय लगा और इसमें धीरे धीरे सुधार हुआ. इन सभी गेंदबाजों ने समय लिया. भारत के पास पहले इतने अधिक तेज गेंदबाज नहीं हुआ करते थे लेकिन अब उनके पास हैं. इनमें से अधिकतर कभी न कभी फ्लैचर के कोच रहते हुए खेले हैं इसलिए उन्हें श्रेय जाता है. यह प्रक्रिया काफी पहले शुरू हो गई थी लेकिन अब जाकर वे सभी मिलकर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.’’

 

bcci

उन्होंने आगे कहा, काम्पटन ने क‘‘पूर्व से यह अंतर है कि ये तेज गेंदबाज तेजी से समझौता नहीं करते. जैसे कि जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्राड तेजी के साथ गेंद को मूव करने की क्षमता रखते हैं.’’ वहीं, उन्होंने पुजारा और रहाणे के लिए सलाह देते हुए कहा, ‘‘उन्हें (पुजारा और रहाणे) उस ड्रेसिंग रूम में मजबूत व्यक्तित्व के रूप में विकसित होने का मौका दिया जाना चाहिए. अब पुजारा और रहाणे रन बना रहे हैं तो भारत के लिए काम आसान हो जाएगा. भारत ने नाटिघम में जीत दर्ज की और उसे अच्छी संतुलित टीम मिल गई है. इसमें बदलाव की कोई जरूरत नहीं लगती है. अगर विराट (चौथे टेस्ट की टीम में) कोई बदलाव करते हैं तो देखना दिलचस्प होगा.’’

टीम में चयन को लेकर उन्होंने आगे कहा ‘‘चयन के मामले में विराट ने कई बदलाव किए हैं. उदाहरण के लिए पहले टेस्ट मैच से पुजारा को बाहर रखने के गलत फैसले को अनुमति देने से टीम प्रबंधन की कमजोरी का पता चलता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब विराट इतने अधिक बदलाव करता है तो पुजारा और रहाणे जैसे खिलाड़ियों के लिए यह आसान नहीं हो सकता है. वे दबदबा रखने वाले व्यक्ति नहीं हैं और इस तरह के खिलाड़ियों को कई बार इस तरह के फैसलों से सामंजस्य बिठाने में दिक्कत हो सकती है.’’

ये भी पढ़ें: दुखद: टीम इंडिया के पूर्व ओपनर बल्लेबाज और वर्ल्डकप टीम के मैनेजर की मौत

First published: 26 August 2018, 15:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी