Home » क्रिकेट » Team India reached in The Final of World Cup 1983 creates history on this day after beat England by 6 wickets in Semi Final WC 1983
 

आज ही के दिन पहली बार टीम इंडिया ने किया था ये बड़ा कमाल

विकाश गौड़ | Updated on: 22 June 2018, 12:07 IST

टीम इंडिया साल 1975 और साल 1979 का क्रिकेट वर्ल्डकप खेल चुकी थी लेकिन कभी भी वह सेमी-फाइनल तक नहीं पहुंच पाई. दो वर्ल्ड कप और 8 साल निकल गए लेकिन इस बीच भारत के खाते में क्रिकेट को कोई बड़ी ट्रॉफी नहीं थी. लेकिन जब साल 1983 में एक बार फिर क्रिकेट का महाकुंभ लगा तो भारत न सिर्फ इस बार वर्ल्डकप के सेमीफाइनल में पहुंचा बल्कि टीम इंडिया विश्वकप पर कब्जा भी जमाया.

आज का ही दिन था कि भारतीय टीम ने साल 1983 में इंग्लैंड को हराकर वर्ल्डकप के फाइनल में पहली बार पहुंची थी. इससे पहले हुए दोनों वर्ल्डकप ट्रॉफियों पर कैरिबियाई टीम वेस्टइंडीज(अब विंडीज) ने कब्जा जमाया था. जहां पहली बार वेस्ट इंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को हराया तो वहीं साल 1979 में विडींज ने इंग्लैंड को धूल चटाकर इस खिताब पर कब्जा जमाया था.

लेकिन आज ही दिन साल 1983 में 22 जून को टीम इंडिया ने विश्वकप का पहली बार सेमीफाइनल खेला था, जिसमें टीम इंडिया ने दुनिया को क्रिकेट सिखाने वाली टीम इंग्लैंड को 32 बॉल रहते 6 विकेट से मात देकर पहली बार सेमीफाइनल जीता और विश्वकप के फाइनल में पहुंची थी जहां उसका सामना वेस्ट इंडीज और पाकिस्तान में से जीतने वाली टीम से होना था.

फिलहाल बात साल 1983 के सेमीफाइनल की. बता दें कि ये उस दौर में वनडे मैच 50 ओवर के नहीं बल्कि 60 ओवर के हुआ करते थे. ये वर्ल्डकप भी आईसीसी वर्ल्डकप नहीं बल्कि प्रूडेंशियल वर्ल्डकप था. बाद में जब ICC बनी तो इसका नाम बदला. 

आपको बता दें, साल 1983 के पहले सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से था. इस मैच में इंग्लैंड ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी और भारत को 214 रन का लक्ष्य दिया था. इस मुकाबले में इंग्लैंड ने निर्धारित 60 ओवर खेले लेकिन अपने सभी विकेट गंवा दिए थे.

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इंग्लैंड के लिए इस पारी में सबसे ज्यादा रन ग्रीम फॉलर ने बनाए. फॉलर ने 33, क्रिस तवारे ने 32, एलन लांबा ने 29 जबकि ग्राह्म डिली ने 20 रन की पारी खेली थी. वहीं, भारत की ओर से कप्तान कपिल देव ने 3, रोजर बिन्नी और मोहिंदर अमरनाथ ने 2-2 विकेट चटकाए.

उस दौर में भारत के लिए 214 रनों का लक्ष्य आसान नहीं था क्योंकि इंग्लैंड के पास अच्छे गेंदबाज थे. लेकिन सुनील गावस्कर और के श्रीकांत की सधी हुई शुरुआत के बाद भारत ने इसे 6 विकेट रहते हासिल कर लिया और पहली बार विश्वकप के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया.

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इस मुकाबले में टीम इंडिया की ओर से सबसे ज्यादा रन यशपाल शर्मा ने बनाए. यशपाल शर्मा ने 61 रन बनाए तो वहीं, संदीप पाटिल ने नाबाद 51 रन की पारी खेली. वहीं, गेंदबाजी से शानदार प्रदर्शन(2 विकेट) करने वाले मोहिंदर अमरनाथ ने 46 रन बनाए. इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच अवॉर्ड भी मिला. इनके अलावा गावस्कर ने 25 और श्रीकांत ने 19 रनों की पारी खेली थी.

First published: 22 June 2018, 11:59 IST
 
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