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टेस्ट क्रिकेट के इतिहास का वो मुकाबला जो 10 दिनों तक खेला गया और फिर भी हुआ ड्रा

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 June 2020, 18:03 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

टेस्ट क्रिकेट को क्रिकेट के सबसे लंबे फार्मेट कहा जाता है. मौजूदा समय में टेस्ट मैच मांच दिन का होता है. हालांकि, कई बार ऐसा होता है जब मैच पांच दिन तक खेला जाए लेकिन फिर भी कोई नतीजा नहीं निकलता और मैच ड्रा हो जाता है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दक्षिण अफ्रीका (South Africa) और इंग्लैंड (England) के बीच साल 1939 में एक ऐसा टेस्ट मैच खेला गया जो करीब 10 दिनों तक चला था. ऐसे में आप सोचेंगे कि कोई मैच 10 दिनों तक चला था को उसका कोई ना कोई परिणाम को जरूर निकला होगा. लेकिन इस मैच का कोई परिणाम नहीं निकला और इसे दोनों टीमें ने आपसी समहती से ड्रा कर दिया था क्योंकि एक टीम को वापस लौटना था.

साल 1938-39 में इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच पांच टेस्ट मैचों की एक सीरीज (England vs South Africa Test Series) होनी थी. दोनों देशों ने पहले ही यह तय कर लिया था कि अगर सीरीज बराबरी पर रही या फिर कोई टीम 1 मैच की जीत से आगे रहेगी तो आखिरी मैच कालातीत यानि टाइमलेस होगा. हालांकि, इस टाइमलेस मैच को 12 दिनों का रखा गया था जिसमें दो दिन खिलाड़ियों को आराम करने के लिए छो़ड़े गए थे. इस सीरीज के पांचवे और निर्णायक मैच से पहले इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज पर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली थी.


3 मार्च से 14 मार्च तक का हाल

3 मार्च- दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी का फैसला लिया. मैच के पहले दिन का खेल खत्म होने तक अफ्रीकी टीम ने दो विकेट के नुकसान पर 229 रन बना लिए थे.

4 मार्च- पहले दिन के 229 के स्कोर के आगे खेलने उतरी अफ्रीकी टीम दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 423 रन बनाने में सफल हुई थी. हालांकि उसके 6 बल्लेबाज पवेलियन वापस लौट गए थे.

5 मार्च- इस दिन कोई खेल नहीं हुआ, यह खिलाड़ियों के आराम करने के लिए रिजर्व रखा गया था.

6 मार्च- मैच के तीसरे दिन अफ्रीकी टीम ऑल आउट हो गई. दक्षिण अफ्रीका की टीम ने पहली पारी में 530 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया था. इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम दिन का खेल खत्म होने से पहले तक 35 रन बना चुकी थी. हालांकि, उसने एक विकेट गंवा दिया था.

7 मार्च- इंग्लैंड की टीम चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 268 रन बनाने में सफल हुई थी, लेकिन उसने सात विकेट गंवा दिए थे.

8 मार्च- इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 316 रन बनाने में सफल हो पाई. इसके बाद अफ्रीकी टीम की दूसरी पारी शुरू हुई और उसने दिन का खेल खत्म होने तक 193 रन बना लिए थे.

9 मार्च- दक्षिण अफ्रीकी टीम दूसरी पारी में 481 रन बनाने में सफल हुई और पहली पारी के आधार पर हासिल बढ़त के बाद इंग्लैंड के सामने उसने 696 रनों का लक्ष्य रखा.

10 मार्च- इंग्लैंड ने दूसरी पारी में सधी हुई शुरूआत की. दिन का खेल खत्म होने तक इंग्लैंड 253 रन बनाने में सफल हुई और उसने एक विकेट ही खोया था.

11 मार्च- बारिश के कारण कोई खेल नहीं हो सका.

12 मार्च- खिलाड़ियों के आराम का दिन

13 मार्च- इंग्लैंड ने दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट के नुकसान पर 496 रन बना लिए थे.

14 मार्च- इंग्लैंड जीत के काफी करीब थी, उसने 5 विकेट के नुकसान पर 654 रन बना लिए थे और उसे जीत के लिए बस 42 रनों की जरूरत थी. दो दिन बचे हुए थे लेकिन इंग्लैंड टीम को इसी दिन रवाना होना था.

3 से 14 मार्च तक कुल दस दिन खेल हुआ इस दौरान 1,981 रन बने और 5,447 गेंदें फेंकी गई लेकिन फिर भी मैच का कोई नतीज नहीं निकल पाया.

इस मुकाबले के शुरू होने से पहले तक किसी को उम्मीद नहीं थी कि मैच 12 दिनों तक चलेगा. इसीलिए इंग्लैंड ने घर जाने के लिए प्रोग्राम मैच से पहले तय कर लिया था. 14 मार्च को शिप के कैप्टन ने इंतजार करने से मना कर दिया था, जिसके कारण दोनों देशों ने आपसी सहमती से मैट को ड्रा मान लिया.

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First published: 26 June 2020, 14:19 IST
 
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