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मैदान पर धोनी के साथ छोड़ते ही विराट कोहली का हो जाता है ये हाल, ये रहा सबूत!

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 September 2018, 15:06 IST
(File Photo)

क्रिकेट में एक टर्म है DRS, जिसे सब लोग डिसीजन रिव्यू सिस्टम के नाम से जानते हैं. इसके अलावा DRS का एक नाम और है, जिसे हम प्यार से 'धोनी रिव्यू सिस्टम' कहते हैं. धोनी रिव्यू सिस्टम इसलिए क्योंकि बतौर कप्तान एमएस धोनी जब भी रिव्यू लेते देखे गए उनका अनुमान एकदम सटीक बैठता था.

एमएस धोनी इकलौते ऐसे कप्तान हैं, जिनके DRS कॉल सबसे ज्यादा सक्सेजफुल हुए हैं. वहीं, अगर मौजूदा कप्तान विराट कोहली की बात करें तो वो एक दो नहीं बल्कि पचासियों बार DRS कॉल में फेल साबित हुए हैं. टेस्ट क्रिकेट में तो विराट अक्सर फेल हो जाते हैं लेकिन वनडे में उनके साथ खुद DRS(धोनी) रहते हैं.

ऐसे ही कुछ टेस्ट क्रिकेट के आंकड़े क्रिकेट एनालिस्ट ने निकाले हैं, जो वाकई हैरान करने वाले हैं. ये आंकड़े विराट कोहली की DRS में मिली नाकामी को दर्शाते हैं. विराट कोहली ने बतौर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में केवल 15 बार ही सही DRS लिया है, जिससे टीम को फायदा मिला है.

आपको बता दें, बतौर कप्तान विराट कोहली ने 23 टेस्ट मैचों में 93 बार DRS कॉल किया है. हैरान करने वाली बात ये है कि विराट 93 में से 68 बार फेल साबित हुए जबकि 15 मौकों पर उनका डीआरएस सही साबित हुआ है. इस तरह से विराट कोहली के डीआरएस में विनिंग पर्सेंट 16.13 का है.

मंगलवार को खत्म हुए इंग्लैंड दौरे की बात करें तो यहां टीम इंडिया ने पांच टेस्ट मैच खेले हैं. इन पांच मैचों में विराट कोहली ने 16 बार डीआरएस कॉल किया है लेकिन हैरान करने वाली बात ये रही कि विराट सिर्फ एक बार डीआरएस कॉल में सफल हो पाए हैं.

इससे पहले साल 2016 में जब इंग्लैंड की टीम इंडिया आई थी तब भी विराट कोहली डीआरएस लेने में फेल साबित हुए थे. विराट ने 5 मैचों में 27 बार डीआरएस का इस्तेमाल किया लेकिन 6 मर्तबा ही वह इसमें सफल हो पाए. ऐसा ही कुछ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ(12 में से 11 डीआरएस फेल) के हुआ था.

First published: 13 September 2018, 15:06 IST
 
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