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जब पाकिस्तान में इतिहास रचकर सहवाग बने 'मुल्तान के सुल्तान'

विकाश गौड़ | Updated on: 29 March 2018, 12:55 IST

वीरेंद्र सहवाग को क्रिकेट प्रेमी विस्फोटक सलामी बल्लेबाज के तौर पर जानते हैं. लेकिन आज से ठीक 14 साल पहले यानी साल 2004 में इस बल्लेबाज ने एक ऐसा इतिहास रचा जो सालों याद रखा जाएगा. इसी दिन के बाद वीरेंद्र सहवाग को एक नाम मिला था. ये नाम उन्हें पाकिस्तान की सरजमीं मुल्तान पर मिला था. दरअसल, मुल्तान ने वीरेंद्र सहवाग ने एक ऐतिहासिक पारी खेली थी जिसके बाद उन्हें 'मुल्तान का सुल्तान' कहा जाने लगा.

 

पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में खेली गई वीरेंद्र सहवाग की उस पारी और शानदार बल्लेबाजी को लोग आज भी भूल नहीं पाए हैं और शायद कभी भूल भी न पाएं. आपको बता दें साल 2004 में 28 मार्च को मुल्तान में टीम इंडिया पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने उतरी थी. इस मैच में राहुल द्रविड़ टीम के कप्तान थे. उन्होंने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी थी.

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टीम इंडिया की यह पहली पारी थी और मैच का दूसरा दिन था जब वीरेंद्र सहवाग ने एक अनोखा कीर्तिमान रचा था. दरअसल, 29 मार्च को सहवाग ने शानदार, दमदार और असरदार 300 से ज्यादा रन की बेजोड़ पारी खेली थी. इसी के साथ वीरेंद्र सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक जड़ने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने गए थे. उनकी इसी आक्रामक पारी की बदौलत उनको एक नाम मिला, ये नाम था 'मुल्तान का सुल्तान'.

तीन मैचों की टेस्ट सिरीज का यह पहला ही मुकाबला था जिसे भारत ने पारी और 52 रन से जीता था. इस मैच में टीम इंडिया ने पांच विकेट पर 675 रन बनाए थे और अपनी पहली पारी घोषित की थी. इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी 407 रन पर सिमट गई और फॉलोआॅन खेलते हुए भी दूसरी पारी महज 216 रन बना सकी. इस तरह पाकिस्तान ये मैच एक पारी और 52 रन से हार गई.

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आपको बता दें इस मैच में वीरेंद्र सहवाग ने 39 चौकों और 6 छक्कों के साथ 309 रन बनाए थे. पहले दिन नाबाद 228 रन से आगे खेलते हुए सहवाग ने अपनी पारी जारी रखी और 81 रन जोड़े और 309 रन की शानदार पारी खेलकर आउट हो गए. इस पारी में सहवाग के अलावा टीम इंडिया के दिग्गज और क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने शानदार बल्लेबाजी की थी. 

तेंदुलकर ने इस मैच में नाबाद 194 रन बनाए थे लेकिन पांचवे दोहरे शतक से पहले ही उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा था. बता दें कि सचिन और युवराज सिंह अच्छी बल्लेबाजी कर रहे थे स्कोर भी 650 के पार हो चुका था लेकिन 675 रनों के स्कोर पर युवी 59 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद कप्तान राहुल द्रविड़ ने हाथ का इशारा करके सचिन को भी बुला लिया और पारी की घोषणा कर दी.

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इस दौरान सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ के इस फैसले से भौचक्के रह गए और मायूस होकर पवेलियन लौट गए. बताया जाता है कि इस दौरान द्रविड़ के इस फैसले से सचिन काफी नाराज भी हुए क्योंकि वो पांचवे दोहरे शतक से बस 6 रन दूर थे.

कई क्रिकेट विश्लेषकों ने तब कहा था कि उस समय द्रविड़ के भी चार दोहरे शतक थे लिहाजा वो नहीं चाहते थे कि सचिन उनसे पहले पांचवा दोहरा शतक लगाएं. हालांकि बाद में द्रविड़ के टेस्ट क्रिकेट में कुल मिलाकर 5 दोहरे शतक रहे और सचिन ने 6 दोहरे शतक लगाकर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था.

First published: 29 March 2018, 12:55 IST
 
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