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क्या आप जानते हैं ट्राउजर से गेंद क्यों घिसते हैं गेंदबाज

विकाश गौड़ | Updated on: 27 March 2018, 14:41 IST

क्रिकेट जितना बल्ले और बॉल का खेल है उतना ही दिमाग और दिमाग की शातिरबाजी का खेल है. हजारों दर्शकों के बीच जब खिलाड़ी मैदान में 22 गज की पट्टी पर खेल रहा होता है तो उसे जीत से कम कुछ नहीं दिखता. यहां तक कि जब खिलाड़ी फील्ड में होता है तो वह हरदम प्रयास करता है कि उसकी टीम को जीत मिले. अक्सर खिलाड़ी अपनी टीम की मदद से कई बार मैच जीतने में कामयाब हो जाता है लेकिन जब विकेट नहीं मिलते तो लोग नए-नए हथकंडे अपनाते हैं.

 

आपको बता दें कि गेंदबाजी टीम को जब नई गेंद मिलती है तो वह पहले उसे अपने ट्राउजर से घिसते हैं. कई बार खिलाड़ी आपको गेंद से थूक लगाते हुए दिख जाएंगे. इसके अलावा जब कोई स्पिनर गेंदबाजी के लिए उतरता है वह गेंद को आसानी से पकड़ने के लिए गेंद को खुरदरा करता है. पहले गेंद की चमक मिटाने के लिए गेंद पर बॉलर थूक लगाता है फिर उसे अपने ट्राउजर से रगड़ता है. इसके भी कई मायने हैं.

 

दरअसल, जब भी आप गेंद को रगड़ते हैं तो आपको कोई भी अंपायर या मैच रैफरी कुछ नहीं कहता. वहीं, अगर इसको रगड़ते समय ICC के नियमों का उलंघन करते हैं तो आपको इसका नुकसान भी भुगतान पड़ता है. पहले आपको ये बताते हैं कि गेंदबाज ऐसा करता क्यों है. जब भी गेंद नई होती है तो वह सीधे पड़ती है बहुत ही कम स्विंग(आउट स्विंग, इन स्विंग या रिवर्स स्विंग) मिलता है. ऐसे में सिर्फ बल्लेबाज को फायदा मिलता है जो कि कोई भी गेंदबाज नहीं चाहता.

 

इसके बाद शुरू होता है असली खेल क्योंकि गेंदबाज को जब विकेट नहीं मिलती तो वह गेंद के साथ छेड़छाड़ करने लगता है. ऐसे में गेंदबाज गेंद से उसकी चमक मिटाने के लिए उसको ट्राउजर से घिसता है. ऐसा करने से गेंद एक हिस्से की चमक चली जाती है और फिर गेंद को टर्न या स्विंग मिलती है. कई बार ऐसा करते समय गेंदबाज और खिलाड़ी हद पार कर देते हैं. बता दें कि कोई भी खिलाड़ी गेंद की सीम(जहां धागे लगे होते हैं) से छेड़छाड़ नहीं कर सकता.

 

आईसीसी के नियम कहते हैं कि अगर कोई खिलाड़ी बॉल को किसी आर्टिफिशियल चीज से चमकाने की कोशिश करता है तो यह आईसीसी के नियमों के खिलाफ है. इसके अलावा खिलाड़ी अगर बॉल को किसी भी नुकीली चीज (धातु, नाखुन, कंकड़-पत्थर) से खुरचता है तो भी यह नियमों का उलंघन करना है.

बॉल को ग्राउंड पर घिसना या जूते के तले से गेंद को नुकसान पहुंचाना भी बॉल टैंपरिंग का हिस्सा है. वहीं, अगर थूक के अलावा बॉल पर च्युइंगम या च्युइंगम के बाद के निकलने वाले सलाइवा से गेंद को चमकाने की कोशिश करता है तो ये भी आईसीसी के नियमों के खिलाफ है.

हाल ही बात करें तो बॉल टैंपरिंग का मामला तब सामने आया था जब ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी कैमरन बेनक्रॉफ्ट ने गेंद को चश्मे की छड़ से खुरचा था. इसके बाद टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ और उपकप्तान डेविड वार्नर पर जुर्माना लगा था और साथ ही दोनों को अपना पद भी गंवाना पड़ा. क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार नहीं है इससे पहले भी बॉल टैपरिंग के कई मामले सामने आ चुके हैं.

First published: 27 March 2018, 14:41 IST
 
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