Home » क्रिकेट » Yashasvi Jaiswal lived in a tent, sold pani puri, slept hungry, now plays cricket for India Under-19
 

टीम इंडिया के इस सितारे की कहानी सुनकर आपकी आंखों में पानी आना तय है

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2018, 17:05 IST

श्रीलंका दौरे पर पांच वनडे मैच खेलने के लिए जाने वाली भारतीय अंडर19 की टीम में एक ऐसा खिलाड़ी शामिल है, जिसके संघर्ष के दिनों का आप सुनकर हैरान हो जाएंगे. यह खिलाड़ी है ऑलराउंडर यशस्वी जायसवाल. जो कभी मैदान पर पानी पूरी बेचते थें.

महज 11 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के भदोही से क्रिकेटर बनने का सपना लिए मुंबई आए यशस्वी शुरुआती दिनों में आजाद मैदान में मुस्लिम यूनाइटेड क्लब में रहे. इस दौरान वह टेंट में कई दिनों तक भूखे पेट भी सोए, लेकिन उनके हौसलें और सपनो में इतनी जान थी कि ये हालात भी उनके कदमों को न डिगा सके. लेकिन इस दौरान उन्हें एक बात की चिंता हमेशा सताती थी. चिंता इस बात की कहीं इस काम को करते हुए उन्हें साथी खिलाड़ी देख न लें.

मुंबई अंडर-19 टीम के कोच सतीश सामंत, यशस्वी के बारे में कहते है कि अंडर-19 टीम में चयन का श्रेय उनके कोच ज्वाला सिंह को जाता है. यशस्वी को आजाद मैदान पर ज्वाला सिंह ने देखा और उसके खेल को निखारने का काम किया. 2011 में अपनी क्रिकेट अकादमी की शुरुआत करने वाले ज्वाला सिंह भी क्रिकेटर बनने मुंबई आए थे, लेकिन वह ऐसा करने में सफल नहीं रहे. ज्वाला की कोशिश अब ज्यादा से ज्यादा बच्चों के सपनों को पूरा करना है. भदोही के रहने वाले यशस्वी को परेशानी में देख ज्वाला ने उसकी काफी मदद की.

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तो वहीं यशस्वी और उनका परिवार ज्वाला की तारीफ करते नहीं थकते हैं. अंडर-19 में सेलेक्शन के बाद जब यशस्वी से परफॉर्मेंस के तनाव के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन पर कोई दबाब नहीं है. यशस्वी ने कहा कि उन्हें बचपन से प्रेशर लेने की आदात है. यशस्वी ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि एक बार उनके दोस्तों ने उन्हें लंच करने के लिए साथ चलने को कहा. इस दौरान वह काफी शेमलेस फील कर रहे थे क्योंकि उनके जेब में पैसे नहीं थे. उन्होंने कहा, "भूख है पर पैसे नहीं."

First published: 4 July 2018, 17:05 IST
 
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