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जब एक व्यक्ति के सपने के कारण पूरे परिवार के कर ली थी आत्महत्या, चारों तरफ थी लाशें ही लाशें, डरावना था मंजर

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2020, 21:53 IST

30 जून 2018 दिल्ली के बुराडी में कुछ लोगों ने अपने घर में आत्महत्या कर ली, अगले दिन पुलिस और प्रेस के माध्यम से इस सामूहिक हत्याकांड की जानकारी देश को मिली तो पूरा देश दंग रहा गया था. वजह थी एक ही परिवार के 11 लोगों ने अपनी जान दे दी थी. भारत में अभी तक ऐसा मामला सामने नहीं आया था जिसमें एक ही परिवार के इतने लोगों ने एक साथ आत्महत्या की हो. वहीं जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो जो जानकारी सामने आई उसने सबको चौंका कर रख दिया.

चुड़ावत परिवार के 11 लोगों ने की आत्महत्या

1 जुलाई 2018 को दिल्ली के बुराड़ी स्थित संतनगर की गली में रहने वाले चुड़ावत परिवार के 11 लोगों ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी. इस बारे में तब पता चला जब एक व्यक्ति सुबह घर आया और घर का दरवाजा खुला हुआ था.इस शख्स ने जो देखा उससे उसके होश उड़ गए. परिवार के 10 लोगों के शव फंदे से लटके हुए मिले थे. इसके अलावा परिवार की सबसे बुजुर्ग नारायण देवी का शव एक अगल कमरे में फर्श पर पड़ हुआ था. इन लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि इन सभी की मौत दम घुटने से हुई है. 

दिल्ली पुलिस को इस मामले में एक घर से दो डायरी मिली थी और इन डायरी से पूरा मामला साफ हो गया. यह डायरी ललित की थी और इसे घटना का मास्टरमाइंड बताया गया. इन डायरी को पढ़ने के दौरान पुलिस को इस बात का पता चला कि ललित मानसिक रोगी थी. उसने अपने मन में एक काल्पनिक संसार रच रखा था. दिल्ली पुलिस ने ललित की डायरी पढ़ने के बाद ही इस बात का दावा किया था कि ललित ने परिवार के सभी लोगों को कहा था कि फांसी लगने के कुछ ही देर में भगवान उन्हें बचा लेंगे. परिवार के लोगों ने ललित पर भरोसा किया और सभी ने फांसी लगा ली.


आत्महत्या को दिया अनुष्ठान का नाम

ललित की डायरी का अध्ययन करने पर पुलिस को पता चला कि अनुष्ठान के नाम पर ललित ने सबको राजी किया था. ललित दावा करता था कि वो आत्माओं से बात करता है और वो परिवार के लिए अच्छा समय लाने के लिए यह सब कर रहा है. इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस घर से कई ऐसे रजिस्टर मिले थे जिसका अध्ययन करने के बाद पुलिस ने बताया कि ललित तंत्र-मंत्र का शिकार था. 

 

इस मामले का अध्ययन करने वाले कई मनोचिकित्सकों और विशेषज्ञों का मानना है कि ललित 'शेयर्ड साइकोटिक डिस्ऑर्डर' का शिकार था. इस डिस्ऑर्डर के कारण आदमी यह सोचता है कि वो अपने किसी करीबी के संबंध में रहता है, जिसे वो असल में खो चुका है.

बुराडी़ कांड में जान गंवाने वाले लोग

बुराड़ी कांड में नारायण देवी (77) उनकी बेटी प्रतिभा (57) और दो पुत्र भवनेश (50) तथा ललित (45), भवनेश की पत्नी सविता (48) और उनके तीन बच्चे नीतू (25), मानिका (23) और धीरेन्द्र (15) मृतकों में शामिल हैं. इस घटना का मास्टमाइंड ललित की पत्नी टीना (42), उनका 15 वर्षीय पुत्र दुष्यंत और प्रतिभा की बेटी प्रियंका शामिल हैं.

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First published: 1 July 2020, 20:16 IST
 
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