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पीयूष गोयल के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े का दिल्ली पुलिस ने किया भंडाफोड़, हस्ताक्षर के नाम पर ठगे लाखों रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 August 2018, 12:39 IST

दिल्ली पुलिस ने रेल मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. ये लोग केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के फर्जी हस्ताक्षर करने के 9 लाख रुपये वसूल करते थे. गिरफ्तार किये गए लोगों में एक पूर्व सरकारी कर्मचारी और दूसरा सिविल इंजीनियर बताया जा रहा है.

दोनों पर आरोप है कि वे रेल मंत्री पीयूष गोयल के झूठे हस्ताक्षर करने के गोरखधंधे में शामिल थे. गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल सिविल इंजीनियर का नाम थलेसेट्टी सुधाकर और दूसरे का नाम रमन जोशी है जो एक पूर्व सरकारी कर्मचारी है. दोनों को हैदराबाद और दिल्ली से गिरफ्तार किया है. इस संबंध में पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस के आरपीएफ कर्मी विशोक गुप्ता मामला दर्ज कर लिया गया है.

गुप्ता के मुताबिक, रेलवे मंत्रालय को एक शिकायत मिली थी, जिसमें एक लेटरहेड पर रेलवे मंत्री के नकली हस्ताक्षर का जिक्र था. इसके साथ ही शिकायत में जेडआरयूसीसी (जोनल रेलवे यूजर्स कंसल्टेटिव कमिटी) की सदस्यता कार्ड भी संलग्न था. जिसपर मल्लिकार्जुन वाडला नाम लिखा हुआ था. इसी शिकायत के आधार पर पुलिस में एक मामला दर्ज किया गया था.

मामले की जांच करने के लिए पुलिस की एक टीम का गठन किया गया था, जिसे वाडला के पूछताछ करने के लिए सिकंदराबाद भेजा गया था. उसने बताया कि सुधाकर को जोनल रेलवे कमिटी की लाइफ मेंबरशिप कार्ड बनवाने के लिए 10 लाख का भुगतान किया था. जब सुधाकर ने वाडला को ये दस्तावेज बनाकर सौंप दिए, तो उसने कहा कि वह इसे रेलवे मंत्रालय से वेरीफाई करवा ले.

जब सुधाकर के द्वारा फर्जी दस्तावेज बनाए जाने का पता चला तो उसे 23 अगस्त को हैदराबाद स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली के रहने वाले जोशी ने उसे दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने में मदद की थी. उसने बताया कि वाडला से मिले 10 लाख में से हस्ताक्षर के लिए जोशी को 9 लाख का भुगतान किया गया था. इस मामले में पुलिस ने जोशी को भी शनिवार को गिरफ्तार कर लिया. उनके मुताबिक वे दोनों दो साल पहले रेल भवन के पास मिले थे. उस दौरान सुधाकर कुछ सरकारी कांट्रेक्ट की तलाश में था.

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First published: 27 August 2018, 12:35 IST
 
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