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राजस्थान- कोर्ट ने 63 साल के बाप को सुनाई उम्रकैद की सजा, मासूम बेटी के साथ किया था घिनौना काम

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 July 2020, 20:55 IST

Rajasthan court sentences 63-year-old man to life term for raping teen daughter: राजस्थान (Rajasthanके बरन जिले की एक POCSO अदालत ने एक 63 वर्षीय व्यक्ति को साल 2017 में अपने घर पर अपनी किशोरी के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में आजीवन कारावास  (Life Imprisonment) की सजा सुनाई है. साथ ही अदालत ने दोषी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को बरन जिले की पास्को कोर्ट - 1 ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है और उसने नाहरगढ़ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले मामली गाँव के निवासी भगवान लाल गालव (63) को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जब तक जेल में भगवान लाल गालव की प्राकृतिक मौत नहीं होती तब तक उसे जेल में ही रहना होगा.


इस मामले में सरकारी वकील घांसीलाल वर्मा ने आदालत में कहा कि 1 दिसंबर, 2017 की रात को जब भगवान के बगल में उसकी बेटी सो रही थी तब उसने उसके साथ घिनौना काम किया था. इस दौरान उसके परिवार वाले दूसरे कमरे में सो रहे थे.

नाबालिग लड़की ने अगले दिन अपनी मां को यह घटना सुनाई जिसके बाद पिता के खिलाफ नाहरगढ़ पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और POCSO अधिनियम के प्रावधानों के तहत बलात्कार का मामला दर्ज किया गया.

दो साल से अधिक समय तक चले मुकदमे के बाद POCSO कोर्ट के विशेष न्यायाधीश - 1 राकेश कटारा ने भगवान को बलात्कार का दोषी ठहराया और उन्हें जेल में आजीवन कारावास की सजा सुनाई.

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार का अपराध करना आरोपी की विकृत मानसिकता और नैतिक पतन को दिखाता है और यह महिलाओं के आत्म सम्मान को भी ठेस पहुंचाता है. यदि ऐसे अपराधों में आरोपी सजा से बच जाते हैं, तो यह कानून और कानूनी प्रणाली पर लोगों के अविश्वास को आमंत्रित करेगा.

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First published: 19 July 2020, 18:38 IST
 
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