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नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में लगेगा विश्व के 14 नाट्य स्कूलों का जमघट

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 6:42 IST
(एजेंसी)

दिल्ली के राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) में दुनिया के विभिन्न हिस्सों के थिएटर स्कूलों का समागम 19 से 25 अक्टूबर के बीच होने जा रहा है.

बताया जा रहा है कि इस सम्मेलन में बांग्लादेश, चीन, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर और थाईलैंड सहित 10 देशों के 14 नाट्य स्कूल हिस्सा लेंगे.

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दुनिया भर के नाट्य विद्यालयों के 9वें एशिया-पैसिफिक ब्यूरो (एपीबी) सम्मेलन की मेजबानी करेगा.

इन विद्यालयों के प्रतिनिधि एवं छात्र एशिया पैसिफिक क्षेत्र के नाट्य विद्यालयों के वार्षिक सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए एनएसडी के परिसर में जुटेंगे.

इस आयोजन में 20 देशों का प्रतिनिधित्व होगा. सम्मेलन में इन देशों के पर्यवेक्षक, शिक्षक और छात्र भी शामिल होंगे. सम्मेलन के इस साल के संस्करण का मुख्य विषय है, 'समकालीन मंचीय संस्कृति में एशिया की क्षमता.'

सम्मेलन के दौरान एशिया में समकालीन मंचीय संस्कृति तथा इसमें सामग्री, स्वरूप एवं शैली के संदर्भ में योगदान देने वाले परंपरावाद, आधुनिकीकरण और अन्य कारकों के विभिन्न तत्वों की समीक्षा होगी.

इसमें हिस्सा लेने वाले स्कूल मंचीय प्रदर्शनों तथा इसके तकनीकी पहलुओं में विभिन्न सांस्कृतिक बारीकियों का पता लगाएंगे तथा इन पर विस्तार से विचार-विमर्श करेंगे.

यह महोत्सव छात्रों और फैकल्टी दोनों के लिए एक दुर्लभ अवसर है. इस आयोजन में महोत्सव प्रदर्शन, निर्देशकों की बैठक, संवाद सत्र एवं कार्यशालाएं भी होंगी.

इस संबंध में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक प्रो वामन केंद्रे ने कहा कि "यह एक और अवसर है, जहां एशिया पैसिफिक ब्यूरो के स्कूल एक-दूसरे के समक्ष अपनी क्षमता को प्रदर्शित कर सकेंगे तथा एक-दूसरे के साथ अपने अनुभवों को साझा कर सकेंगे. यह एनएसडी के लिए भी एक ऐसा मंच है जहां समृद्ध भारतीय रंगमंचीय विरासत को प्रदर्शित किया जाए तथा दुनिया के समक्ष समकालीन तथा परंपरागत रंगमंचीय विविधता को दिखाया जाए."

एक सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान प्रतिभागी कार्यशाला में, संकाय सदस्यों द्वारा दी जाने वाली प्रस्तुतियों, अभ्यास सत्रों तथा अन्य कार्यक्रमों के जरिए अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं.

First published: 14 October 2016, 1:45 IST
 
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