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अाखिर क्यों मनाते हैं लोहड़ी, जानें क्या है मुहूर्त

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 January 2017, 10:48 IST

हमारा देश विभिन्न संस्कृति का देश है हर रोज़ यहां पर कोई ना कोई व्रत या पर्व होता हैं. जनवरी शुरू होते ही नए साल की खुशियां होती है उसके बाद सारे त्यौहारों की एक झड़ी लग जाती है, जिसमे हिंदी महीने की शुरुआत खिचड़ी से होती हैं.

खिचड़ी से ही नए वर्ष का प्रारम्भ भी होता हैं. उससे पहले पंजाबियों की लोहड़ी आती है जिसे बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है. इसमें वह नए धान, मक्के के फुले , आग के चारों ओर घूमकर अग्नि देव को अर्पित करते हैं. लोहड़ी पंजाब के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बहुत ही धूम-धाम से मनाया जाता है. सर्दियों में पड़ने वाले इस पर्व पर दिन छोटा और रात लंबी होती हैं. लेकिन यह एक मान्यता है. 

कैसे पड़ा लोहड़ी नाम

पंडित शक्ति मिश्रा बताते हैं कि लोहड़ी की उत्पत्ति सन्त कबीर की धर्म पत्नी लोई के नाम से माना जाता हैं बहुत से लोग तिलोड़ी के नाम से भी उत्पत्ति मानते हैं जो बाद में बदलते समय के अनुसार उसका नाम लोहड़ी पड़ गया. यहां तक कि कई पुस्तकों में लोह शब्द से लोहड़ी की उत्पत्ति भी माना जाता हैं. अगर यह कहा जाये कि जितने लोग उतनी तरह की बाते होती हैं. यह गलत ना होगा. 

लोहड़ी खुशियों का त्यौहार

राजधानी में तेरह जनवरी को बड़ी ही धूम-धाम से यह उत्सव मनाया जायेगा. इस दिन तरह-तरह के पकवानों को घर की महिलाएं बनाती हैं और शाम को एक जुट होकर लोहड़ी मनाई जाती हैं लोहड़ी में नए फ़सल की कटाई , बुवाई से भी इसका सम्बन्ध होता है. 

यह त्यौहार पंजाब के लोगों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होता है इस दिन यह किसी प्रकार का कोई व्रत नहीं होता इस पर्व में केवल मस्ती होती हैं. जिसमें डांस ,सांग ,और पंजाबी लोकगीतों से पूरा माहौल संगीतमय होता है. यह पर्व सुबह से लेकर आधी रात तक चलता हैं. लोहड़ी के दिन गोबर के कंडे यानि की उपले ,लकड़ियों का बहुत बड़ा ढ़ेर बनाया जाता हैं. उसके बाद पवित्र अग्नि को प्रज्वलित किया जाता हैं फिर उसके चारों ओर घूम-घूमकर डांस किया जाता है और एक दूसरे को बधाई दी जाती है. 

शुभ मुहूर्त

पंडित शक्ति मिश्रा ने बताया कि लोहड़ी की पूजा करने का सही समय शाम को 5:50 बजे से 6:18 बजे तक और रात 8 बजे से 8.30 बजे तक रहेगा. लेकिन यह खुशियों का पर्व है. लोग पूरी रात धमाल करते हैं. 

First published: 13 January 2017, 10:48 IST
 
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