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जानें क्या है जलीकट्टू आैर क्यों मचा है इस पर हंगामा

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 January 2017, 13:29 IST

तमिलनाडु में जलीकट्टू को लेकर प्रदर्शन तेज़ हो गया है. मामला इतना बढ़ चुका है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. पिछले दिनों सड़कों पर बेकाबू भीड़ ने इस त्यौहार से प्रतिबंध उठाने की मांग की थी. आपको बता दें कि साल 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने जानवरों के साथ हिंसक बर्ताव को देखते हुए इस खेल को बैन कर दिया था. 

क्या है जलीकट्टू: पोंगल के त्यौहार के मौके पर मनुष्य और सांड़ के इस खेल का आयोजन किया जाता है. यह तमिलनाडु का 400 साल पुराना पारंपरिक खेल है. पहले के समय में ये परंपरा योद्धाओं के बीच लोकप्रिय थी आैर इस खेल का आयोजन स्वयंवर की तरह होता था. जो योद्धा बैल पर काबू पाने में कामयाब होता था, महिलाएं उसे अपने वर के रूप में चुनती थीं. 

क्या है इसका मतलब: जली का अर्थ होता है 'सिक्का ' और कट्टू का अर्थ है 'बंधा हुआ'. इस खेल के दौरान सांड़ों के सींग में कपड़ा बंधा होता है. इस कपड़े में पुरस्कार राशि होती है.  

कैसे खेला जाता है ये खतरनाक खेल: यह खतरनाक खेल तमिलनाडु के मदुरै समेत कई बड़े शहरों में खेला जाता है. खेल की शुरुआत में एक दौड़ते हुए सांड को भीड़ में छोड़ दिया जाता है. लोग सांड़ के कूबड़ को पकड़कर कुछ देर के लिए लटक जाते हैं. इससे सांड वश में आ जाता है. 

इस खेल में प्रतियोगी सांड के कूबड़ को तब तक पकड़े रखता है, जब तक कि वो वश में न हो जाये. सांडों को भड़काने के लिए उन्हें शराब पिलाने से लेकर उनकी आंखों में मिर्च डाला जाता है और उनकी पूंछों को मरोड़ा तक जाता है, ताकि वे तेज दौड़ सकें. खेल में भाग लेने के लिए सांड को एक साल से ज्यादा वक्त तक तैयार किया जाता है. जलीकट्टू में जीतने वाले प्रतिभागी को इनाम से भी नवाजा जाता है. 

खेल के बाद क्या होता है... 

इस खेल के बाद कमजोर सांडों का उपयोग घरेलू काम के लिए किया जाता है. वहीं मजबूत सांड का उपयोग गाय के साथ अच्छे नस्ल के प्रजनन के तौर पर होता है. मजबूत सांडों को मंदिर में रखा जाता था. 

बुल फाइटिंग आैर जलीकट्टू में अंतर: ये खेल स्पेन के बुलफाइटिंग से काफी अलग है इसमें बैलों को मारा नहीं जाता और ना ही बैल को काबू करने वाले युवक किसी तरह के हथियार का इस्तेमाल करते हैं. 

First published: 19 January 2017, 13:29 IST
 
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